चेन्नई , अक्टूबर 31 -- तमिलनाडु सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी की आलोचना की है कि तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) 'बिहार के लोगों को परेशान कर रही है'।
तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि तमिलनाडु और पूरा भारत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नफरती भाषा और विभाजनकारी राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगा।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री बिहार चुनाव प्रचार के दौरान तमिलों का अपमान करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी जानते हैं कि तमिलनाडु और तमिलों का अपमान करना कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह भाजपा का एक शर्मनाक तरीका है।
विज्ञप्ति के मुताबिक बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान, केंद्र सरकार की उपलब्धियों या योजनाओं के बारे में बोलने की बजाय श्री मोदी ने झूठा दावा किया कि तमिलनाडु में डीएमके सदस्य बिहार के कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं और इससे तमिलों के खिलाफ नफरत फैल रही है।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी शुक्रवार को इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "एक तमिल होने के नाते यह देखना बेहद दुखद है कि थिरु नरेंद्र मोदी बार-बार यह भूल जाते हैं कि वे पूरे देश के प्रधानमंत्री के सम्मानित पद पर हैं।" श्री स्टालिन ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस तरह की विभाजनकारी टिप्पणियों से उस पद की गरिमा नहीं खोनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री और भाजपा से आग्रह करता हूँ कि वे ऐसी तुच्छ राजनीति में शामिल न हों जो हिंदुओं और मुसलमानों के बीच या तमिलों और बिहारियों के बीच नफ़रत को बढ़ावा देती है। इसके बजाय राष्ट्र के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करें।"तमिलनाडु सरकार के बयान में श्री स्टालिन के हवाले से कहा गया कि भाजपा जहाँ भी जाती है, चाहे वह ओडिशा हो या बिहार, वे राजनीतिक लाभ के लिए तमिलों के प्रति नफ़रत फैलाने की कोशिश करते हैं। आज पूरे तमिलनाडु में लाखों उत्तर भारतीय मजदूर शांति से रह रहे हैं, दिहाड़ी मजदूरी कर रहे हैं और अपने गृह राज्यों में अपने परिवारों को हर महीने करोड़ों रुपये भेज रहे हैं।
बयान में कहा गया है कि 2023 में होली के समय घर लौटने के लिए ट्रेनों में सवार उत्तर भारतीय मजदूरों के फोटो-वीडियो प्रसारित किए गए। इसके बाद भाजपा ने यह झूठी खबर फैलाई कि इन मजदूरों पर तमिलनाडु में हमला हुआ है और वे राज्य छोड़कर भाग रहे हैं। जैसे ही यह खबर फैली श्री स्टालिन ने व्यक्तिगत रूप से मजदूरों से सीधे बात करके इस झूठी कहानी का खंडन किया। मज़दूरों ने पुष्टि की कि वे तमिलनाडु में सुरक्षित हैं और शांति से रह रहे हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि जब कोलकाता में एक फ्लाईओवर गिरने से 26 लोगों की मौत हो गई, तो प्रधानमंत्री ने निर्दयतापूर्वक टिप्पणी की कि यह 'ईश्वर का कृत्य' और 'एक दिव्य संदेश' है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता में नहीं रहना चाहिए इस प्रकार पीड़ितों की मृत्यु का अपमान किया।
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