रायगढ़, 02 जनवरी 2026 (वार्ता) छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में 27 दिसंबर को आंदोलनरत ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी के साथ की गई अमानवीय घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी के साथ हुए इस कृत्य को लेकर समाज के हर वर्ग में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार, 27 दिसंबर को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात महिला पुलिसकर्मी हिंसक भीड़ के बीच फंस गई। आरोप है कि कुछ उपद्रवियों ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि उसकी वर्दी फाड़कर उसे अपमानित भी किया। घटना के दौरान महिला पुलिसकर्मी ने स्वयं को बचाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ की हिंसक मानसिकता के आगे वह असहाय नजर आई।
इस अमानवीय कृत्य का वीडियो बनाए जाने और उसके सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की बात भी सामने आई है, जिसने घटना की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। बताया जा रहा है कि इस घटना से पीड़ित महिला पुलिसकर्मी गहरे मानसिक आघात से गुजर रही है।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने भी इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं रायगढ़ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।
जिले के एसपी दिव्यांग पटेल ने कहा कि, इस मामले में लज्जाभंग और हत्या का प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
यह घटना न केवल महिला सुरक्षा बल्कि कानून की रक्षा में लगे कर्मियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं कि दोषियों को कितनी शीघ्रता और कठोरता से न्याय के कठघरे में लाया जाता है।
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