रायगढ़ , दिसंबर 28 -- छत्तीसगढ में रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में जिंदल स्टील से जुड़ी प्रस्तावित जनसुनवाई को लेकर जिला प्रशासन ने निरस्तीकरण की दिशा में आज ठोस कदम बढ़ा दिया है। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार जनसुनवाई निरस्त करने संबंधी आदेश शीघ्र जारी किए जाने की संभावना है। लंबे समय से जारी ग्रामीण आंदोलन के सफल होने पर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
बीते कई दिनों से हजारों की संख्या में ग्रामीण, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, धरने पर बैठे हुए थे। ग्रामीणों का कहना था कि जनसुनवाई जनभावनाओं के विपरीत आयोजित की जा रही है, जिसके चलते उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया।
इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तमनार क्षेत्र में हुई हालिया हिंसक घटना को लेकर स्पष्ट कहा है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि घटना में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह गंभीर है और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घटना की हर पहलू से जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। साथ ही मुख्यमंत्री ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।
दरअसल, रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लिबरा स्थित सीएचपी चौक में शनिवार को धरना दे रहे ग्रामीणों की उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। इस हिंसक झड़प में एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा, थाना प्रभारी तमनार कमला पुसाम सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। महिला आरक्षकों समेत अनेक जवानों को चोटें आईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के अनुसार, 8 दिसंबर 2025 को भौराभाठा में आयोजित जनसुनवाई के विरोध में सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। शनिवार सुबह सीएचपी चौक पर लगभग 300 लोग एकत्र हुए, जिनमें से कुछ ने सड़क पर बैठकर आवागमन बाधित कर दिया।
स्थिति को नियंत्रित करने एसडीएम, एसडीओपी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने समझाइश दी, लेकिन दोपहर होते-होते भीड़ की संख्या बढ़कर लगभग एक हजार हो गई। दोपहर करीब ढाई बजे भीड़ अचानक बेकाबू हो गई और उपद्रवियों ने बैरियर तोड़ते हुए पुलिस पर पत्थरबाजी व लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
उपद्रवियों ने पुलिस बस, जीप और एंबुलेंस में आग लगा दी तथा कई शासकीय वाहनों को क्षतिग्रस्त किया। इसके बाद भीड़ जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) पहुंची, जहां कन्वेयर बेल्ट, दो ट्रैक्टर सहित अन्य वाहनों में आगजनी और कार्यालय में तोड़फोड़ की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर रायगढ़ मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि प्रशासन ने लगातार संवाद और समझाइश का प्रयास किया, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हिंसा की गई। उन्होंने बताया कि उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है तथा अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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