लखनऊ , मई 4 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 29 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इन फैसलों में रोजगार, शिक्षा, उद्योग, ऊर्जा और न्यायिक सुधार से जुड़े कई बड़े कदम शामिल हैं।

बैठक में वर्ष 2026-27 की तबादला नीति को मंजूरी देते हुए 16 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों के स्थानांतरण 15 से 31 मई के बीच किए जाने का निर्णय लिया गया। नई नीति के तहत तय समयसीमा में ही तबादले होंगे। साथ ही 'एक जनपद एक व्यंजन' योजना को भी मंजूरी दी गई, जिससे प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी है।

जालौन में 500 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक जिले में दो 'सीएम फेलो' तैनात होंगे, जिन्हें 50 हजार रुपये मानदेय, 10 हजार रुपये आवास भत्ता और लैपटॉप दिया जाएगा। कैबिनेट ने आरएसएस पर आधारित फिल्म 'शतक-राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 100 वर्ष' और 'गोदान' को टैक्स फ्री करने का फैसला किया है। इन फिल्मों पर दर्शकों से वसूले जाने वाले जीएसटी के बराबर राशि सरकार द्वारा वहन की जाएगी। उच्च शिक्षा के विस्तार के तहत फिरोजाबाद में अमरदीप मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा निजी विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है। पचवान गांव में 20.08 एकड़ भूमि पर यह विश्वविद्यालय स्थापित होगा। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर जिले में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है।

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि अब खेतों में लगाए जाने वाले विद्युत टावर के लिए सर्किल रेट का दोगुना मुआवजा मिलेगा। वहीं खेत से होकर गुजरने वाली बिजली लाइनों के लिए जमीन की कीमत का 30 प्रतिशत तक मुआवजा दिया जाएगा, जिससे किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा।

एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने बताया कि योजना के तहत प्रदेश के 75 जिलों के पारंपरिक व्यंजनों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और गुणवत्ता सुधार के साथ बड़े बाजार से जोड़ा जाएगा। इससे स्थानीय कारीगरों, हलवाइयों, महिला समूहों और लघु उद्यमियों की आय में वृद्धि होगी। आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा, मेरठ की गजक, जौनपुर की इमरती और वाराणसी की कचौड़ी जैसे व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए आधुनिक पैकेजिंग, गुणवत्ता मानकीकरण, शेल्फ लाइफ बढ़ाने और विपणन सहायता पर विशेष जोर रहेगा।

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