बस्ती , मार्च 30 -- उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला ने सोमवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को "तथाकथित शंकराचार्य" बताते हुए उन पर प्रदेश सरकार के विरोधी दलों के प्रभाव में बयान देने का आरोप लगाया। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शुक्ला ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद को वर्तमान परिस्थितियों और वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि "उन्हें पहले तथ्य जानने चाहिए और फिर सरकार के खिलाफ टिप्पणी करनी चाहिए।"उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और गो संरक्षण के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उनके अनुसार प्रदेश में 7 हजार से अधिक गो आश्रय स्थल संचालित हैं, जिनमें 16 लाख से अधिक गोवंश सुरक्षित रखे गए हैं।

शुक्ला ने बताया कि सरकार गोवंश के संरक्षण के लिए गोवध निवारण अधिनियम 1955 के तहत सख्ती से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन की दर से लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा 1 लाख 67 हजार से अधिक गोवंश इच्छुक पशुपालकों को सौंपे गए हैं, जिन्हें इसके लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि प्रदेश में गोवंश के मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है और यदि कोई व्यक्ति गोवंश के साथ क्रूरता करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए उनका खंडन किया।

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