रायपुर , दिसंबर 09 -- छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला को देशभर में नई पहचान दिलाने वाली ढोकरा-बेलमेटल कलाकार हीराबाई झरेका बघेल को राष्ट्रीय स्तर पर बड़े सम्मान से नवाजा गया है। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उन्हें राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्रदान किया गया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बधाई देते हुए पूरे छत्तीसगढ़ के लिए इसे "अत्यंत गर्व का क्षण" बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनांचल क्षेत्र की बैगिनडीह ग्राम पंचायत से निकलकर अपनी अनूठी धातुकला के माध्यम से हीराबाई बघेल ने न केवल राज्य बल्कि देशभर में छत्तीसगढ़ की लोककला की पहचान को नई ऊंचाई दी है। उन्होंने लिखा कि यह उपलब्धि हमारे समृद्ध लोककला-परंपरा और ग्रामीण प्रतिभाओं की चमक को राष्ट्रीय मंच पर पुनः स्थापित करती है।
उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ के हर शिल्पकार का सम्मान है। राज्य सरकार कला-संरक्षण, प्रशिक्षण और बाजार विस्तार के लिए लगातार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने हीराबाई बघेल को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
हीराबाई बघेल की इस उपलब्धि से कला जगत और ढोकरा शिल्प से जुड़े कलाकारों में हर्ष का माहौल है।
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