ढाका , जनवरी 06 -- बंगलादेश के इंकलाब मंच समूह ने दिवंगत प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी के लिये न्याय की मांग करते हुए मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी के शाहबाग से 'न्याय मार्च' नामक एक विरोध प्रदर्शन मार्च की शुरुआत की। हादी की 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

यह संगठन अपनी कट्टर भारत-विरोधी छवि, अवामी लीग-विरोधी बयानबाजी के साथ-साथ इस्लामपरस्त झुकाव के लिए जाना जाता है। इसने मारे गये प्रवक्ता के लिए न्याय की मांग करते हुए क्षेत्र में कई विरोध मार्च निकाले हैं। हादी को 12 दिसंबर को अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मारी थी और 18 दिसंबर को हादी की मौत हो गयी थी।

यह मार्च शाहबाग जंक्शन के तथाकथित 'हादी चट्टर' से शुरू हुआ, जिसमें इंकलाब मंच के नेता और कार्यकर्ता 10 से अधिक पिकअप ट्रकों और वैनों में एकत्र हुए। मार्च करने वालों ने सरकार-विरोधी और भारत-विरोधी नारे लगाए। यह सामूहिक जुलूस ढाका के साइंस लैब, सिटी कॉलेज, मोहम्मदपुर, मीरपुर-10, उत्तरा, बशुंधरा, बड्डा, रामपुरा और जत्राबाड़ी से होते हुए अंत में अपने शुरूआती बिंदु 'हादी चट्टर' पर समाप्त होगा।

जुलूस शुरू होने से पहले, इस्लामपरस्त सामाजिक-सांस्कृतिक समूह के महासचिव अब्दुल्लाह अल जाबेर ने संवाददाताओं से कहा कि उनके कार्यकर्ता उस्मान हादी और उनकी हत्या में शामिल लोगों के लिए न्याय की मांग करते हुए राजधानी की सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने कहा, "क्या फैसल करीम मसूद ने अकेले उस्मान हादी को मारा? वह तो हत्या में सिर्फ एक छोटा खिलाड़ी है। अगर पुलिस मुख्य अपराधियों और बड़े षड़यंत्रकारियों का नाम लिए बिना चार्जशीट दाखिल करती है, तो हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।"जुलूस में शामिल इंकलाब मंच के प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (जो वर्तमान में भारत में निर्वासन में रह रही हैं) और जुलाई विद्रोह के दौरान कथित सामूहिक हत्याओं तथा उस्मान हादी की हत्या में शामिल सभी लोगों को भी बंगलादेश लाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न नारे लगाए, जिनमें "दिल्ली नहीं ढाका, ढाका, ढाका" और "हादी का खून व्यर्थ नहीं जाने देंगे" शामिल थे।

इस सामाजिक समूह ने पिछली बार की तरह अंतरिम सरकार के सामने चार-सूत्री मांग पेश की है जिसमें हादी की हत्या की योजना बनाने, सहायता करने, भागने में मदद करने और आश्रय देने वालों को अगले 24 दिनों के भीतर गिरफ्तार करना शामिल है, अन्यथा अंतरिम सरकार को पूर्ण तख्तापलट का सामना करना पड़ेगा।

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