पटना , दिसंबर 10 -- बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार का संकल्प है कि खेती को आधुनिक, वैज्ञानिक और टिकाऊ बनाया जाए, जिससे किसान भाई-बहनों का परिश्रम अधिक लाभ में बदल सके।

कृषि मंत्री श्री यादव ने आज बयान जारी कर कहा कि आज बिहार का किसान सिर्फ खेत नहीं जोत रहा, बल्कि तकनीक की ताकत से भविष्य की खेती गढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि रोपण, सिंचाई, कटाई और ग्रेडिंग जैसे कार्यों में मशीनों के बढ़ते उपयोग ने न केवल उत्पादकता बढ़ाई है, बल्कि किसानों को मेहनत का सही प्रतिफल भी दिलाया है। आज आधुनिक उपकरणों और वैज्ञानिक अनुसंधान का लाभ खेतों तक पहुँचने से बिहार की कृषि नई ऊर्जा और नई दिशा के साथ आगे बढ़ रही है।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संकल्प है कि "हमारे किसानों के हाथ मज़बूत हों, उनकी मेहनत सुरक्षित रहे और उनकी फसलें बीमारियों से बची रहें इसी सोच के साथ ड्रोन तकनीक को खेतों तक पहुँचाया जा रहा है।"श्री यादव ने कहा कि ड्रोन आधारित छिड़काव से निर्धारित मात्रा में पौध संरक्षण रसायनों और उर्वरकों का सटीक, समान और सुरक्षित छिड़काव होता है। इससे पानी, समय और श्रम की बचत होती है तथा फसलें स्वस्थ एवं नुकसान से दूर रहती हैं।

कृषि मंत्री श्री यादव ने कहा कि ड्रोन तकनीक किसानों को कृषि को व्यवसायिक एवं परिशुद्धता के साथ संचालित करने की शक्ति दे रही है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा "कृषि ड्रोन से कीटनाशी एवं तरल उर्वरक छिड़काव योजना" राज्य के 38 जिलों में तेज़ी से लागू की गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल मार्गदर्शन में राज्य की कृषि एवं किसानों की आर्थिक एवं सामाजिक उन्नति के लिए चार कृषि रोड मैप बनाए गए हैं। जिसके परिणामस्वरूप राज्य का काफी विकास हुआ है। वर्तमान में चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 56,050 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से छिड़काव का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे तकनीक का लाभ सीधे खेतों तक पहुंच रहा है।

कृषि मंत्री ने कहा कि योजना के अनुसार किसानों को निर्धारित छिड़काव शुल्क का 50 प्रतिशत अथवा 210 प्रति एकड़ तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक किसान अधिकतम 15 एकड़ एवं दो बार ड्रोन छिड़काव का लाभ ले सकता है। निविदा के माध्यम से चयनित चार अनुभवी ड्रोन सेवा प्रदाता किसानों की सेवा के लिए मैदान में तैनात हैं।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार में ड्रोन तकनीक का विस्तार किसानों की समृद्धि, खेती की सुरक्षा और कृषि के आधुनिकीकरण का नया अध्याय लिखेगा।

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