सोल , दिसंबर 10 -- दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के दावे को खारिज करते हुए मंगलवार को फिर से दोहराया कि देश के पूर्व में स्थित द्वीप समूह डोक्डो स्पष्ट रूप से दक्षिण कोरियाई क्षेत्र है।

दक्षिण कोरिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जापानी प्रधानमंत्री द्वारा संसद सत्र के दौरान की गई टिप्पणी को खारिज करते हुए जोर दिया है कि डोक्डो को लेकर कोई क्षेत्रीय विवाद मौजूद नहीं है। अधिकारी ने कहा, "ऐतिहासिक रूप से, भौगोलिक रूप से और अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत, डोक्डो कोरियाई क्षेत्र का एक अविभाज्य हिस्सा है। हम डोक्डो पर जापान के अनुचित दावों का कड़ाई और दृढ़ता से जवाब देंगे।"सुश्री ताकाइची ने मंगलवार को आयोजित जापानी प्रतिनिधि सभा की बजट समिति की बैठक के दौरान सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के एक सांसद के दावे पर यह बात कही थी कि इन द्वीपों (जापान में ताकेशिमा) पर दक्षिण कोरिया का 'अवैध कब्जा' है।

जापानी अखबार चोसुन डेली की मंगलवार की रिपोर्ट के अनुसार, सुश्री ताकाइची ने तर्क दिया कि ये द्वीप जापान के 'क्षेत्र' हैं। प्रधानमंत्री ने यही भी कहा कि उनकी सरकार देश और विदेश दोनों में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए काम करेगी। दक्षिण कोरियाई संवाद समिति योनहाप के अनुसार, जून में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के पदभार संभालने के बाद जापान के के प्रति दक्षिण कोरिया की यह पहली मज़बूत प्रतिक्रिया थी।

दक्षिण कोरिया लंबे समय से दोनों देशों के बीच स्थित इन विवादित द्वीपों पर जापान के नए क्षेत्रीय दावों का विरोध करता रहा है। इन द्वीपों को दक्षिण कोरिया में डोक्डो और जापान में ताकेशिमा के नाम से जाना जाता है।

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