रायपुर , मार्च 10 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन डोंगरगढ़ में सहकारी बैंक शाखा भवन निर्माण के लिए आवंटित जमीन पर कथित अतिक्रमण का मामला सदन में गूंजा।
कांग्रेस विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और कहा कि जब जमीन आवंटित हो चुकी है तथा भवन निर्माण के लिए राशि भी स्वीकृत है, तब तक निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं हुआ।
विधायक बघेल ने कहा कि संबंधित स्थल पर पहले ही भूमिपूजन किया जा चुका है, इसके बावजूद बैंक शाखा अब तक किराए के भवन में संचालित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने में देरी के कारण किसानों और खाताधारकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि उस जमीन पर आखिर किसका कब्जा है और इसे कब तक हटाया जाएगा।
इस पर सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने जवाब देते हुए कहा कि बैंक के लिए स्थायी भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण फिलहाल शाखा किराए के भवन में संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने को लेकर जिला प्रशासन से चर्चा की जा चुकी है और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूरक प्रश्न के माध्यम से जमीन के कुल रकबे और पार्किंग की व्यवस्था को लेकर जानकारी मांगी। मंत्री कश्यप ने बताया कि बैंक भवन के लिए लगभग 2200 वर्ग मीटर जमीन आवंटित है, जबकि पार्किंग की जरूरत को देखते हुए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है।
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