मुंबई/बीड , अक्टूबर 29 -- महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बुधवार को कहा कि बीड जिले की युवा डॉक्टर डॉ. संपदा मुंडे की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या थी।
श्री सपकाल ने आज बीड ज़िले के कवडागाव में डॉ. संपदा मुंडे के परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की। उनके साथ पूर्व मंत्री अशोकराव पाटिल, राष्ट्रीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु छिब, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष संध्याताई सव्वालखे, प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष शिवराज मोरे और बीड ज़िला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राहुल सोनवणे समेत कई लोग मौजूद थे।
बाद में संवाददाताओं से बातचीत में श्री सपकाल ने दावा किया कि डॉ. संपदा ने "असहनीय दबाव और उत्पीड़न" के कारण आत्महत्या की। उन्होंने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में इसकी जांच कराये जाने की मांग की।
उन्होंने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी पीड़िता की मां और मुंडे परिवार के अन्य सदस्यों से फोन पर बात करके उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि श्री गांधी ने पीड़ित परिवार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से मामले की पूरी जानकारी भी मांगी।
उन्होंने कहा, "डॉ. संपदा मुंडे पर गलत काम करने के लिए भारी दबाव डाला गया और उन्हें बुरी तरह परेशान किया गया। सबसे ज़्यादा निंदनीय यह है कि जांच शुरू होने से पहले ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूर्व भाजपा सांसउ रंजीतसिंह नाइक निंबालकर को सार्वजनिक रूप से क्लीन चिट दे दी। यह बेहद शर्मनाक है।"श्री सपकाल ने राज्य महिला आयोग की भी आलोचना की और कहा कि उसकी भूमिका भी "उतनी ही निराशाजनक" है। उन्होंने दावा किया कि पीड़िता के परिवार से मिलकर तथ्य जुटाने के बजाय, उन्होंने पहले पुलिस से मुलाकात की और मामले को दबाने की कोशिश की। सपकाल ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा, "आयोग को महिलाओं के खिलाफ अन्याय को दूर करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, लेकिन इसके बजाय उसने पुलिस का बचाव करना चुना।" उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. संपदा मुंडे के समुदाय का एक भी प्रतिनिधि इस मामले में मुखर नहीं हुआ।
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