बीकानेर , दिसम्बर 06 -- केंद्रीय कानून एवं विधि राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने कहा है कि भारतीय संविधान के शिल्पकार, भारतरत्न डॉ. भीमराव आम्बेडकर को संविधान निर्माता और दलितों के मसीहा के रूप में जाना जाता है, लेकिन वह न केवल देश के बल्कि विश्व के एक महान अर्थशास्त्री भी थे।
श्री मेघवाल शनिवार को डॉ. भीमराव आम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में उनकी प्रतिमा के अनावरण के बाद समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। श्री मेघवाल ने कहा कि कोलंबिया विश्वविद्यालय में जहां बाबा साहब आम्बेडकर पढ़े थे, ने 300 वर्ष के इतिहास का सर्वेक्षण करवा कर डॉ आम्बेडकर को सर्वाधिक प्रतिभावान छात्र मानते हुए विश्वविद्यालय परिसर में उनकी मूर्ति स्थापित की और मूर्ति के नीचे लिखा 'सिंबल ऑफ नॉलेज' (ज्ञान का प्रतीक)।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय में डॉ आम्बेडकर की प्रतिमा नहीं थी, लेकिन उच्चतम न्यायालय के 75 वर्ष पूरे होने पर न्यायालय नं.01 में जहां मुख्य न्यायाधीश बैठते हैं, डॉ आम्बेडकर की मूर्ति लगाने पर श्री मेघवाल ने देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में स्थापित की गई डॉ आम्बेडकर की यह मूर्ति आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा देगी।
इससे पूर्व कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरू आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि डॉ आम्बेडकर की मूर्ति हमारे देश के करीब हर विश्वविद्यालयों में लगी है, लेकिन विश्व के छह बड़े विश्वविद्यालयों कोलंबिया, मेसाचुसेट्स, मेलबर्न सहित जापान, कनाडा एवं अमेरिका के विश्वविद्यालयों में उनकी प्रतिमा लगना अपने आप में बड़ी बात है। श्री दीक्षित ने विद्यार्थियों को डॉ आम्बेडकर के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
इस अवसर पर श्री मेघवाल ने विधि के प्रतिभावान छात्र छात्राओं को सम्मानित भी किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित