सोनीपत , मार्च 18 -- हरियाणा में सोनीपत के लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशालय द्वारा पशु विज्ञान केंद्र, सोनीपत (पशु पालन एवं डेयरी विभाग परिसर) में आयोजित सात दिवसीय डेयरी फार्मिंग प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया।
शिविर के संयोजक डॉ. गौरी ने 28 बेरोजगार शिक्षित युवाओं को व्यावसायिक डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान पशु विज्ञान केंद्र रोहतक के प्रभारी डॉ. पंकज ने आधुनिक तकनीकों और डेयरी प्रबंधन से जुड़ी नवीनतम जानकारी साझा की, जो पशुओं के बेहतर रखरखाव और दूध उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगी।
उन्होंने बताया कि बढ़ते शहरीकरण के कारण दूध और दुग्ध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसे उन्नत नस्ल के पशु, संतुलित आहार और बेहतर प्रबंधन से ही पूरा किया जा सकता है।
समापन समारोह में वरिष्ठ पशुपालन अधिकारी डॉ. रामकुमार डरोलिया, पशु चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र रंगा और डॉ. यजेश मलिक ने पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए नियमित टीकाकरण पर जोर दिया।
शिविर में स्वास्थ्य प्रबंधन, साइलेंज तकनीक, कोलोस्ट्रम का महत्व, कृमिनाशक दवाएं, टीकाकरण, विभिन्न पशु रोगों के प्रबंधन तथा प्रजनन संबंधी समस्याओं के समाधान जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने हरे चारे, संतुलित आहार और उन्नत नस्ल के पशु पालन को आय बढ़ाने का मुख्य आधार बताया। डॉ. गौरी ने उच्च गुणवत्ता वाले खनिज मिश्रण के उपयोग और पशुपालकों की आय दोगुनी करने के उपाय भी बताए।
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