जयपुर , जनवरी 05 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज एक ऐसा टूल बन गया है, जिसका उपयोग वर्तमान समय की मांग है और राज्य सरकार एआई अपनाने में दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है।
श्री देवनानी ने यहां जेईसीसी, सीतापुरा में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026 के तहत सोमवार को 'एआई, यूथ एंड रिस्पॉन्सिबल सिटिजनशिप' विषय पर सत्र में एआई विशेषज्ञ अजय डाटा और एमआईटी के प्रोफेसर रमेश रासकर के साथ एआई के भविष्य, रोजगार, युवा शक्ति और स्टार्टअप्स के अवसर पर चर्चा में यह बात कही। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एआई का उपयोग करते समय डेटा संप्रभुता, नागरिकों की निजता और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐहतियाती कदम उठाना आवश्यक है। एआई का उपयोग केवल राष्ट्रहित और सामाजिक विकास के लिए होना चाहिए।
श्री देवनानी ने कहा कि राजस्थान ने नीतियों, संस्थागत सहयोग और अवसंरचना के माध्यम से स्टार्टअप्स को सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि एआई के युग में स्टार्टअप्स को केवल एआई का उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि एआई के निर्माता बनने की आवश्यकता है। इसके लिए राज्य में एआई ट्रेनिंग सेंटर और कौशल विकास कार्यक्रम स्थापित करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि राजस्थान डिजिफेस्ट-2026 इस दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है और ऐसे आयोजन राजस्थान को देश में एआई के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएंगे।
प्रोफेसर रासकर ने डेटा संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत को अपने स्वयं के एआई मॉडल और प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार इस दिशा में एक कदम बढ़ा चुकी है और आईटी विभाग के साथ मिलकर 'मेरा एआई प्रोजेक्ट' पर कार्य जारी है, जिसके माध्यम से राज्य एआई के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने राजस्थान सरकार की आईस्टार्ट पहल की सराहना करते हुए इसे स्टार्टअप इकोसिस्टम में नेतृत्वकारी बताया।
श्री डाटा ने कहा कि एआई में सपनों को हकीकत में बदलने की क्षमता है। लेकिन इसके लिए केवल एआई पाठ्यक्रम शुरू करना पर्याप्त नहीं है। लोगों को एआई एजेंट बनाने और उन्हें उपयोग में लाने का प्रशिक्षण देना समय की मांग है।
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