पटना , जनवरी 07 -- बिहार के योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने नीति निर्माण और निगरानी को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और डेटा-आधारित बनाने के उद्देश्य से विभाग के मुख्यालय में 'विकसित बिहार स्ट्रैटेजी रूम' की स्थापना की है।
श्री यादव ने आज संवाददाताओं को बताया कि विभाग में स्टेट इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (एसआईटी ) का भी गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि एसआईटी की स्थापना रणनीतिक योजना, नीति निर्माण, निगरानी एवं मूल्यांकन तथा विकास के प्रमुख कारकों की पहचान में राज्य की क्षमता बढ़ाने के लिए की गई है।
मंत्री ने बताया कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत नीति आयोग ने अब तक बिहार के 13 आकांक्षी जिलों-अररिया, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, गया, जमुई, कटिहार, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, नवादा, पूर्णिया, शेखपुरा और सीतामढ़ी के लिए 275.26 करोड़ रुपये चिन्हित किए हैं। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास तथा आधारभूत संरचना जैसे पांच क्षेत्रों पर केंद्रित है।
श्री यादव ने कहा कि 07 जनवरी 2023 को प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत देशभर में 500 पिछड़े प्रखंडों की पहचान की गई है, जिनमें बिहार के 27 जिलों के 61 प्रखंड शामिल हैं। इस कार्यक्रम की निगरानी स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं सहायक सेवाएं, सामाजिक विकास तथा आधारभूत संरचना सहित पांच विषयों के अंतर्गत 39 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के माध्यम से की जाती है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत बिहार को अब तक नीति आयोग से 20.5 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली राज्य सरकार की परियोजनाओं की निगरानी के लिए राज्य प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (पीएमजी) पोर्टल विकसित किया गया है। पीएमजी तंत्र के अंतर्गत बिहार में क्रियान्वित 87 परियोजनाओं से संबंधित 257 मुद्दों का समाधान अब तक किया जा चुका है।
मंत्री ने आर्थिक संकेतकों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2024-25 में चालू कीमतों पर बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 13.09 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की, जबकि स्थिर कीमतों (2011-12) पर वृद्धि दर 8.64 प्रतिशत रही। उन्होंने बताया कि 2024-25 में प्रति व्यक्ति जीएसडीपी चालू कीमतों पर 76,490 रुपये तथा स्थिर कीमतों पर 40,973 रुपये रहा।
श्री यादव ने बताया कि लोक वित्त समिति ने 2024-25 में 1.38 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 586 योजनाओं की अनुशंसा की। वहीं 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 1.68 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 357 योजनाओं की अनुशंसा की गई है।
मंत्री ने कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में कहा कि मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत दो अक्टूबर 2016 से 31 दिसंबर 2025 के बीच इंटरमीडिएट (12वीं) या समकक्ष उत्तीर्ण 8.76 लाख आवेदकों को भत्ता प्रदान किया गया, जिस पर 1,267.31 करोड़ रुपये व्यय हुए। 01 अक्टूबर 2025 से इस योजना का विस्तार स्नातक युवाओं तक भी किया गया है, जिसके तहत 31 दिसंबर 2025 तक 31,006 लाभार्थियों को भत्ता दिया गया, जिस पर 3.10 करोड़ रुपये खर्च हुए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित