जयपुर , मार्च 06 -- राजस्थान विधानसभा में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि नागौर जिले में डेगाना विधानसभा क्षेत्र के राजकीय विद्यालयोंके लिए दरी पट्टियों की खरीद में अनियमिततायें सामने आयी हैं और इस पूरे मामले की जांच करायी जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

श्री दिलावर प्रश्नकाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक अजय सिंह किलक के पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने इस संबंध में तत्कालीन बीईओ को निलंबित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनवरी 2019 से दिसंबर 2023 के बीच डेगाना विधानसभा क्षेत्र की स्कूलों के लिए लगभग 35 लाख रुपये की दरी पट्टियां खरीदी गयी थीं। उस समय के तत्कालीन विधायक द्वारा स्कूलों में दरी पट्टियां उपलब्ध कराने की सिफारिश की थी।

उन्होंने कहा कि जांच में सामने आया है कि दरी पट्टियों के स्थान पर फर्श खरीदे गये। रिकॉर्ड के अनुसार 288 फर्श विद्यालयों तक पहुंचे हैं, जबकि 171 फर्श के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के इस प्रकरण में राजकीय धन में भ्रष्टाचार हुआ है।

इससे पूर्व मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा के तहत जनवरी 2019 से 31 दिसंबर 2023 तक की अवधि में डेगाना विधानसभा क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों में सत्र 2022-23 के दौरान छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए खरीदी गयी दरी एवं दरी पट्टियों का विवरण सदन के पटल पर रखा।

श्री दिलावर ने एक अन्य प्रश्न के जवाब में कहा कि राज्य सरकार विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। श्री दिलावर प्रश्नकाल भाजपा विधायक राजेन्द्र गुर्जर के पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में टोंक जिले में 13 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में चार विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी संचालित हैं। इनमें राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय अलीगढ़, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय देवली, दूनी तथा उनियारा शामिल हैं।

इससे पूर्व मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि वर्तमान में 'आधुनिक पुस्तकालय' शीर्षक से कोई पृथक योजना, कार्यक्रम या गतिविधि संचालित नहीं की जा रही है। हालांकि मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के टास्क 1.9 के अंतर्गत विद्यालयों में पुस्तकालयों की स्थापना और उनके अधिकतम उपयोग के लिए गत तीन दिसम्बर को परिपत्र जारी किया गया है।

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