पटना , जनवरी 03 -- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने शनिवार को बताया कि राज्य सरकार गरीबों के स्वास्थ्य कल्याण के लिये निःशुल्क और सुलभ दवा पहुंचाने के संकल्प को तेजी से धरातल पर उतार रही है और इस दिशा में राज्य के 14 हजार 337 स्वास्थ्य संस्थानों को ड्रग्स एंड वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम (डीवीडीएमएस) से पूरी तरह सूचीबद्ध किया गया है।

श्री पाण्डेय ने आज बयान जारी कर कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से दवा आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी प्रभावी और जवाबदेह बनाया गया है,जिससे किसी भी स्तर पर दवा की कमी न हो और जरूरतमंद मरीज को समय पर मुफ्त दवा उपलब्ध हो सके। यह व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाओं को जन-केंद्रित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के डीवीडीएमएस पोर्टल पर विगत 16 माह से बिहार प्रथम स्थान पर है।

श्री पांडेय ने कहा कि डीवीडीएमएस के सफल क्रियान्वयन से राज्य में दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला अब ऑनलाइन निगरानी हो रही है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडलीय अस्पताल से लेकर जिला अस्पतालों तक दवा की उपलब्धता खपत और मांग का वास्तविक समय में आकलन संभव हुआ है। अब दवा प्रबंधन में अनियमितताओं की संभावनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी मरीज केवल दवा के अभाव में इलाज से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से बीपी और शुगर जैसे गैर-संचारी रोगों के मरीजों को 30 दिनों की दवा एक साथ उपलब्ध कराई जा रही है।

मंत्री श्री पाण्डेय ने कहा कि डीवीडीएमएस के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार द्वारा दवा वितरण को और मजबूत बनाने के लिए राज्यभर में 180 औषधि वाहन लगातार संचालित किए जा रहे हैं।

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