भोपाल , अप्रैल 01 -- मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र जीतू पटवारी ने राज्य के लोक शिक्षण संचालनालय डीपीई में बड़े पैमाने पर टेंडर सिंडिकेट और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दबाव के बाद राज्य सरकार को कार्रवाई करते हुए लगभग 100 करोड़ रुपये के टेंडर निरस्त करने पड़े और 149 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच शुरू की गई।

श्री पटवारी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में खरीदे गए 3500 कंप्यूटर और अन्य उपकरण बाजार मूल्य से लगभग 250 प्रतिशत अधिक कीमत पर खरीदे गए। उन्होंने कहा कि इस मामले में लोकायुक्त में शिकायत के बावजूद कथित तौर पर संबंधित लोगों को संरक्षण दिया गया और बिना निष्पक्ष जांच के प्रकरण को बंद कर दिया गया।

उन्होंने वर्ष 2024-25 के दौरान डीपीई में इंटरैक्टिव पैनल की खरीद में भी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 60 हजार रुपये मूल्य के पैनल 1.20 लाख रुपये में खरीदे गए और भुगतान भी जल्दबाजी में किया गया, जबकि टेंडर की शर्तों का पालन नहीं किया गया।

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2025-26 में स्मार्ट क्लास परियोजना के तहत पैनलों की केंद्रीय खरीद में नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि जेम पोर्टल पर करीब 70 हजार रुपये कीमत वाले पैनल एलजी और सैमसंग कंपनियों के नाम पर लगभग 1.14 लाख रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदे गए।

इसके अलावा वर्ष 2026 में 275 करोड़ रुपये की लागत से 27 हजार कंप्यूटर और आईसीटी लैब उपकरणों की खरीद में भी अनियमितता का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि केवल तीन कंपनियों को तकनीकी रूप से योग्य घोषित किया गया, जबकि अन्य विक्रेताओं को अयोग्य ठहराया गया।

श्री पटवारी ने आरोप लगाया कि पूरा तंत्र एक कथित सिंडिकेट के संरक्षण में संचालित हो रहा है। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि अभी कई और खुलासे होना बाकी हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूरे प्रकरण की न्यायिक या उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच, दोषी अधिकारियों और कंपनियों पर सख्त कार्रवाई तथा टेंडर प्रक्रिया को पूर्ण रूप से पारदर्शी बनाने की मांग की है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित