अलवर , जनवरी 04 -- राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने रविवार को कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
श्री शर्मा आज यहां राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय परिसर में जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) का लोकार्पण करने के बाद सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा दिव्यांगजन के हित में संचालित योजनाओं का लाभ प्रदान करकेे लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांग सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित डीडीआरसी से दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं एक साथ प्राप्त होंगी, जिससे उनका जीवन आसान एवं समृद्ध होगा और सशक्त दिव्यांग समाज की अवधारणा पूरी होगी।
श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकलांग शब्द के स्थान पर सम्मान सूचक दिव्यांग शब्द का उपयोग करके सभी दिव्यांगजनों में आत्मसम्मान का भाव पैदा किया है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार दिव्यांग कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के साथ ही उन्होंने भी विधायक निधि कोष से स्कूटी दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराई है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण एवं उनके कल्याण में सदैव सहयोग करेंगे।
इस अवसर पर डीडीआरसी अलवर की परियोजना प्रबंधक कार्यान्वयन समिति की सचिव डॉ. सविता गोस्वामी ने जिला प्रशासन द्वारा मिले सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि समाज की 2.21 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में दिव्यांगता से प्रभावित है। ऐसे में दिव्यांगजनों के जीवन को सरल बनाना एवं सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मंथन फाउंडेशन के संस्थापक एवं परियोजना समन्वयक डॉ. पीयूष गोस्वामी ने बताया कि जिले में अभी भी बहुत अधिक दिव्यांग ऐसे हैं जो जागरूकता के अभाव में चिन्हीकरण एवं उनके लिए संचालित विभिन्न योजनाओं से वंचित है। इसके लिए डीडीआरसी द्वारा आने वाले समय में विभिन्न अभियान चलाये जायेंगे ताकि वे मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठा सके।
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