बेंगलुरु , दिसंबर 08 -- कर्नाटक के पूर्व मंत्री केएन राजन्ना ने सोमवार को कहा कि उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद के लिए एकमात्र दावेदार नहीं हैं। यदि नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति बनती है तो कई अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के नाम पर भी विचार करना होगा।

श्री राजन्ना ने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक दल ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को पूरे पांच साल के लिए चुना है और पार्टी उनके कार्यकाल के पूरा होने की उम्मीद रखती है।

श्री राजन्ना ने कहा कि अगर बदलाव होता है तो गृह मंत्री जी परमेश्वर, श्री एमबी पाटिल और श्री एचके पाटिल सहित कई वरिष्ठ नेताओं के दावों पर भी विचार करना होगा। उन्होंने कहा, "उपमुख्यमंत्री होने मात्र से कोई अपने आप मुख्यमंत्री पद का एकमात्र दावेदार नहीं बन जाता। कई वरिष्ठ नेता भी इस दौड़ में हैं।" इससे उन्होंने एकमात्र उत्तराधिकारी की धारणा का खंडन करने की कोशिश की।

मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की जगह श्री शिवकुमार को स्वाभाविक विकल्प बताने वाली अटकलों पर श्री राजन्ना ने कहा कि श्री परमेश्वर का योगदान भी ध्यान में रखना चाहिए। वर्ष "2013 में जब कांग्रेस सत्ता में आई थी, तब परमेश्वर पार्टी अध्यक्ष थे। पार्टी को सत्ता में लाने में उनके प्रयासों को भी देखा जाना चाहिए। मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि पार्टी की सफलता का श्रेय सिर्फ एक व्यक्ति को ही मिलना चाहिए।"श्री राजन्ना ने दोहराया , "विधायक दल ने श्री सिद्दारमैया को पांच साल के लिए मुख्यमंत्री नियुक्त किया है। वे तब तक पद पर रहेंगे जब तक कांग्रेस हाईकमान कुछ और फैसला न करे।" उन्होंने यतिंद्र सिद्दारमैया के हालिया बयानों और मीडिया खबरों को व्यक्तिगत राय बताया।

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