फागवारा , दिसंबर 10 -- पंजाब में शहीद भगत सिंह नगर स्थित जिला विधि सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) ने बुधवार को मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में लुधियाना की केंद्रीय जेल, महिला जेल और बोर्स्टल जेल के साथ-साथ नवांशहर के बाबा वजीर सिंह खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल सहित कई स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। ये कार्यक्रम पंजाब राज्य विधि सेवा प्राधिकरण, एसएएस नगर के निर्देशों और माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एसबीएस नगर, श्रीमती प्रिया सूद के मार्गदर्शन में आयोजित किये गये थे।
सिविल जज (वरिष्ठ श्रेणी) और डीएलएसए एसबीएस नगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव डॉ अमनदीप के नेतृत्व में टीम ने लुधियाना की तीनों जेलों का दौरा किया, कैदियों से बातचीत की और उन्हें उनके मौलिक मानवाधिकारों से अवगत कराया। डॉ. अमनदीप ने इस बात पर जोर दिया कि मानवाधिकार दिवस इस बात की याद दिलाता है कि प्रत्येक व्यक्ति, चाहे उसकी परिस्थितियां कैसी भी हों, गरिमा, समानता और न्याय का हकदार है। कैदियों को उनके कानूनी अधिकारों और न्याय एवं सुधार व्यवस्था के अंतर्गत निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपलब्ध सहायता प्रणालियों के बारे में भी जानकारी दी गयी।
इस जागरूकता अभियान में छह दिसंबर, 2025 से छह जनवरी, 2026 तक चल रहे 'युवाओं द्वारा नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान' पर भी प्रकाश डाला गया। कैदियों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग से जुड़े जोखिमों और पुनर्वास तथा समाज में रचनात्मक पुन: एकीकरण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
एक समानांतर कार्यक्रम में, पैरा-लीगल स्वयंसेवक वासदेव परदेसी ने बाबा वज़ीर सिंह खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नवांशहर में एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया। छात्रों को उनके कानूनी अधिकारों, शिक्षा के अधिकार और पीओसीएसओ अधिनियम, 2012 के प्रमुख प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर और दुर्व्यवहार या शोषण की किसी भी घटना की रिपोर्ट करने के महत्व के बारे में भी बताया गया।
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