फिरोजाबाद , अप्रैल 18 -- फिरोजाबाद जिले में जिलाधिकारी रमेश रंजन और टूंडला तहसीलदार राखी शर्मा के बीच विवाद का मामला प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। तहसीलदार द्वारा जिलाधिकारी पर भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है। राखी शर्मा ने आरोपों के समर्थन में जिलाधिकारी के ओएसडी से जुड़ा एक ऑडियो भी सार्वजनिक किया है, जिसमें कथित रूप से मोबाइल फोन की मांग किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस संबंध में ओएसडी से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन बंद मिला।

इस बीच प्रशासनिक स्तर पर राखी शर्मा का स्थानांतरण टूंडला से शिकोहाबाद तहसीलदार पद पर किए जाने की बात सामने आई है। वहीं टूंडला में दूसरे तहसीलदार सुनील कुमार को कार्यभार दिए जाने की जानकारी है। राखी शर्मा का कहना है कि उन्हें अब तक कोई औपचारिक स्थानांतरण पत्र प्राप्त नहीं हुआ है और न ही विधिवत रूप से कार्यमुक्त किया गया है। उनके अनुसार बिना नियमानुसार प्रक्रिया पूरी किए नए तहसीलदार को कार्यभार दे दिया गया। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की है।

वहीं सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह के नाम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्र भी वायरल हुआ, जिसमें राखी शर्मा के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई थी। श्री सिंह ने ऐसे किसी पत्र से इनकार करते हुए उसे फर्जी बताया और कहा कि किसी ने उनके लेटरपैड का दुरुपयोग किया है।

उधर सूचना विभाग के माध्यम से जारी बयानों में उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ की जिला शाखा के पदाधिकारियों तथा उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला पदाधिकारियों ने राखी शर्मा द्वारा कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है और मामले की जांच की मांग की है। दूसरी ओर राखी शर्मा का कहना है कि संबंधित पत्र दबाव में लिखवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों या लेखपालों से उनका कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है।

फिलहाल जिलाधिकारी अथवा जिला प्रशासन की ओर से मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।

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