नयी दिल्ली , जनवरी 09 -- रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला, रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) ने हाइपरसोनिक मिसाइलों के विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अत्याधुनिक स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट का बेहद ठंडी परिस्थितियों में सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि डीआरडीएल ने शुक्रवार को अत्याधुनिक स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट (एससीपीटी) सुविधा में पूर्ण आकार के सक्रिय रूप से शीतित स्क्रैमजेट दहनकक्ष का दीर्घ अवधि का व्यापक ग्राउंड टेस्ट सफलतापूर्वक किया, जिसमें 12 मिनट से अधिक का समय हासिल किया गया।
यह महत्वपूर्ण उपलब्धि गत वर्ष 25 अप्रैल को किए गए दीर्घ अवधि के सब-स्केल परीक्षण पर आधारित है और हाइपरसोनिक मिसाइल विकास की दिशा में एक अहम कदम है। दहनकक्ष और परीक्षण सुविधा को डीआरडीएल द्वारा डिज़ाइन और विकसित किया गया है तथा इनके निर्माण में उद्योग भागीदारों का सहयोग रहा है। इस सफल परीक्षण के साथ भारत उन्नत एयरोस्पेस क्षमताओं के क्षेत्र में अग्रणी देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है।
हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल ध्वनि की गति से पाँच गुना अधिक, यानी 6,100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम होती है। यह उल्लेखनीय क्षमता अत्याधुनिक एयर-ब्रीदिंग इंजन के माध्यम से प्राप्त की जाती है, जो सुपरसोनिक दहन का उपयोग कर दीर्घ अवधि की उड़ान को बनाए रखता है।
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