नयी दिल्ली , फरवरी 27 -- रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने अत्यंत छोटी दूरी की हवाई रक्षा प्रणाली के लगातार तीन सफल उड़ान परीक्षण किए हैं।

रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात बताया कि ये परीक्षण ओडिशा स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज में किए गए। इन परीक्षणों का उद्देश्य अलग-अलग गति दूरी और ऊंचाई पर तेज गति से उड़ने वाले लक्ष्यों को निशाना बनाने की मिसाइल की क्षमता को जांचना था।

सभी फ्लाइट-टेस्ट के दौरान, मिसाइलों ने अलग-अलग खतरे के हालात में दुश्मन के विमान की नकल करते हुए हाई-स्पीड हवाई टारगेट को इंटरसेप्ट किया और नष्ट कर दिया। ये परीक्षण फाइनल डिप्लॉयमेंट कॉन्फ़िगरेशन में किए गए, जहाँ फील्ड ऑपरेटरों ने टारगेट हासिल किया और मिसाइल फायरिंग की।

यह हवाई रक्षा प्रणाली पूरी तरह पोर्टेबल है और इसे डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशाला के सहयोग से विकसित किया गया है। यह हवाई रक्षा प्रणाली सेना, वायु सेना और नौसेना तीनों की जरूरत को पूरा करने में सक्षम है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ समीर कामत ने सफल परीक्षण के लिए वैज्ञानिकों तथा अधिकारियों की टीम को बधाई दी है।

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