जयपुर , जनवरी 06 -- राजधानी जयपुर में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 के तीसरे एवं अंतिम दिन मंगलवार को उद्यमियों के लिए पूंजी जुटाने के विषय पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई जिसमें उद्यमियों के लिए पूंजी जुटाने के निर्णय को गहन व्यक्तिगत और रणनीतिक प्रक्रिया के रूप में रेखांकित किया गया।
इस दौरान आयोजित सत्र 'इन्वेस्टर लेंस: फ्रॉम अर्ली बेट्स टू स्केल' में उद्यमियों के लिए पूंजी जुटाने के विषय पर यह चर्चा हुई। सत्र में 121 फाइनेंस के फाउंडर डा रवि मोदानी द्वारा 'आविष्कार' के विनीत राय, आईआईटी ग्रोथ अपॉर्चुनिटी फंड के मैनेजिंग जनरल पार्टनर मोहित गुलाटी तथा 'वर्लिनवेस्ट' के अर्जुन वैद्य से चर्चा की गई। इस दौरान कहा गया कि निवेशक परिपक्वता और इरादों के मामले में काफी भिन्न होते हैं। एक बार पूंजी जुटाने के बाद संस्थापकों को निरंतर सवालों और गवर्नेंस के दबाव के लिए तैयार रहना पड़ता है।
सत्र में विशेषज्ञों ने चिंता जताई कि प्रारंभिक सफलता के बाद अक्सर संस्थापकों का अहंकार महत्वाकांक्षा पर हावी हो जाता है, जिससे वे मान्यता की तलाश में स्केलिंग को स्थगित कर देते हैं। इससे विकास-केंद्रित निवेशकों का कार्य प्रभावित होता है। विशेषज्ञों ने पूंजी जुटाने के संबंध में तीन राहों 'चुने हुए स्केल पर स्थिर रहना', 'आक्रामक विकास के लिए पूंजी जुटाना' और 'सही समय पर एग्जिट करना'के बारे में बताया गया।
विशेषज्ञों ने कहा कि तनाव तब उत्पन्न होता है, जब ये विकल्प सचेत रूप से नहीं चुने जाते। इसलिए स्व-जागरूकता, उद्देश्य की स्पष्टता, मजबूत टीम और अनुशासित निष्पादन के साथ कार्यों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। ये ही सफलता की कुंजी हैं। पैनलिस्ट ने युवा उद्यमियों को अपनी यात्रा में सोच-समझकर पूंजीगत निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।
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