लखनऊ , जनवरी 13 -- उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल शिक्षा अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। तकनीक के माध्यम से छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नई जानकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह प्रयास बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनेंगी। मंगलवार को छात्राओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाकर उन्हें शिक्षा के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। इसी क्रम में मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में समन्वय बैठक एवं टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
कार्यक्रम के तहत जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महाराजगंज के प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट सौंपे गए। प्रत्येक विद्यालय को 20-20 टैबलेट दिए गए हैं, ताकि छात्राएं इनका उपयोग पढ़ाई, डिजिटल लर्निंग और शैक्षणिक गतिविधियों में कर सकें। यह पहल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है, जिसकी सफलता के बाद अन्य जनपदों के विद्यालयों को भी टैबलेट दिए जाने की योजना है।
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