चंडीगढ़ , अक्टूबर 23 -- डिजिटल कार्यप्रणाली और प्रशासनिक उत्कृष्टता को मजबूत करने के महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एन.आई.सी.), पंजाब ने गुरुवार को सभी एन.आई.सी. अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण-कार्यशाला का आयोजन किया, जो कर्मयोगी आई.जी.ओ.टी. सत्र के साथ संपन्न हुई। यह कार्यक्रम अधिकारियों को नयी तकनीकों से लैस करने, नवाचार-आधारित शासन को प्रोत्साहित करने और पंजाब को पूर्ण रूप से डिजिटल तथा नागरिक-केंद्रित राज्य बनाने के लिए एक मजबूत प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध कराता है।
डिपार्टमेंट ऑफ गुड गवर्नेंस एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के अतिरिक्त मुख्य सचिव डी.के. तिवाड़ी ने कहा कि डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में पंजाब की प्रगति पूरे भारत में शासन और सेवाओं के वितरण की दिशा में एक नया मील का पत्थर स्थापित कर रही है। उन्होंने आई.एच.आर.एम.एस. और ई-ऑफिस जैसे प्रमुख प्रोजेक्टों के माध्यम से पूरे प्रदेश में ई-गवर्नेंस को नयी दिशा देने में एन.आई.सी. पंजाब की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि एन.आई.सी. पंजाब सरकार के कार्यों की डिजिटल रीढ़ बन गया है, जो प्रदेश को कुशल, पारदर्शी और जवाबदेह सार्वजनिक सेवायें प्रदान करने में सक्षम बनाता है।
डिजिटल तकनीक को अपनाने के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने अधिकारियों से प्रशासनिक कार्यक्षमता को पुनर्परिभाषित करने और नागरिक पहुंच बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और स्मार्ट सिस्टम को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि एन.आई.सी. लगातार प्रशासनिक दक्षता और डिजिटल पहुंच को बेहतर बनाने में योगदान दे रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नए प्रोजेक्ट्स के माध्यम से आधुनिक डिजिटल इंटरफेस और रीयल-टाइम सेवा प्लेटफ़ॉर्म द्वारा नागरिक और सरकार के बीच तालमेल और बेहतर हुआ है।
इस कार्यशाला का उद्घाटन विवेक वर्मा, डीडीजी और स्टेट इन्फॉर्मेटिक्स ऑफिसर (एस.आई.ओ.), पंजाब ने किया, जिसमें 23 जिलों और राज्य केंद्र के अधिकारियों ने भाग लिया। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने भविष्य के अनुकूल शासन प्रणालियों के निर्माण के लिए कौशल वृद्धि और ज्ञान साझा करने के महत्व पर जोर दिया।
सत्रों में एआई विशेषज्ञों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर प्रेजेंटेशन दिये गये और पंजाब के डिविजनल प्रमुख धर्मेश कुमार, अनुप के. जलाली, अनिल पलटा और श्रीमती ऊषा राय की अगुवाई में विस्तृत तकनीकी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें डिजिटल शासन में नवीनतम पहलुओं का प्रदर्शन किया गया।
आई.आई.टी. रोपड़ से प्रोफेसर जे.एस. सैंहबी और वैज्ञानिक-एफ दिनेश शर्मा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सूचना अधिकार अधिनियम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान प्रशासनिक आचरण, हार्डवेयर प्रबंधन और स्वास्थ्य पर भी सत्र आयोजित किये गये।
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