भिवानी , मई 02 -- हरियाणा में भिवानी के पुलिस अधीक्षक ने कहा साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला पुलिस ने नयी पहल शुरू की है।

पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने सभी प्रबंधक अधिकारियों, सीआईए स्टाफ और उप पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर 'डबल ओटीपी' प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया।

बैठक में उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी तकनीकी हैकिंग से ज्यादा लोगों को मानसिक दबाव, डर, फर्जी कानूनी मामलों, डिजिटल अरेस्ट और नकली निवेश योजनाओं के जरिए निशाना बना रहे हैं। अक्सर वे सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से ओटीपी साझा करवाकर ठगी करते हैं। ऐसे मामलों में पारंपरिक सिंगल ओटीपी प्रणाली कई बार पर्याप्त साबित नहीं होती।

इस चुनौती से निपटने के लिए डबल ओटीपी प्रणाली को एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में लागू किया जा रहा है। इसके तहत पहला ओटीपी खाताधारक के मोबाइल पर आता है, जबकि दूसरा ओटीपी या पुष्टि कॉल उस विश्वसनीय व्यक्ति को भेजी जाती है, जिसे खाताधारक ने पहले से नामित किया होता है। दोनों स्तरों पर पुष्टि के बाद ही लेन-देन पूरा होगा।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह व्यवस्था विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनधारकों और अकेले रहने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी, क्योंकि साइबर अपराधी अक्सर इन्हें आसान लक्ष्य बनाते हैं। बड़ी राशि के लेन-देन में दोहरी पुष्टि से आर्थिक नुकसान की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।

फिलहाल यह सुविधा वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गयी है और भविष्य में इसे चरणबद्ध तरीके से अन्यवर्गों तक भी विस्तार देने की योजना है। अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि इस प्रणाली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए बैंक, सोशल मीडिया, रेडियो, केबल नेटवर्क और सार्वजनिक कार्यक्रमों का व्यापक उपयोग किया जाये।

उन्होंने कहा कि डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह पहल समय की जरूरत है। दोहरी सत्यापन प्रक्रिया लोगों को सतर्क रहने और ठगी से बचने का अतिरिक्त अवसर प्रदान करेगी।

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