पन्ना , नवम्बर 19 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को पन्ना जिले के शाहनगर में आयोजित हितग्राही सम्मेलन में कहा कि पन्ना की रत्नगर्भा धरती ने न केवल अपनी अलग पहचान बनाई है, बल्कि मध्यप्रदेश को 'डायमंड स्टेट' और 'टाइगर स्टेट' का दर्जा दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आज जहां भी नज़र डालो, पन्ना हीरों की चमक के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।

मुख्यमंत्री ने पन्ना डायमंड को जीआई टैग मिलने पर लोगों को बधाई देते हुए कहा कि इससे पन्ना की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि 'पन्ना डायमंड' एक ब्रांड के रूप में उभर रहा है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पहचान बढ़ने के साथ ही माइनिंग, प्रोसेसिंग, निर्यात तथा रत्न आधारित उद्योगों में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। उन्होंने बताया कि पन्ना जिले को जल्द ही मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलेगी और पन्ना-छतरपुर के बीच भव्य राजगढ़ पैलेस होटल का शुभारंभ भी किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाहनगर में 83 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 14 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 9 करोड़ रुपये से बनी बिसानी-श्यामगिरी-कल्दा-सलेहा वाया मैन्हा मार्ग का उन्नयन कार्य और 74 करोड़ रुपये लागत के 13 विकास कार्य शामिल हैं। उन्होंने पवई में 4.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले तिघरा बैराज का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर सम्मेलन की शुरुआत की और विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई प्रमुख घोषणाएं भी की जिसमें रैपुरा में नया महाविद्यालय खोलने, ग्राम पंचायत शाहनगर को नगर परिषद का दर्जा देने तथा शाहनगर ब्लॉक में दो नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की। उन्होंने 135 करोड़ रुपये की लागत से टिकरिया-रीठी वाया खमरिया मार्ग निर्माण, शाहनगर-बोरी-चमरैया सड़क मार्ग चौड़ीकरण तथा पुराने बांधों की नहरों की मरम्मत कराने की घोषणा भी की। पवई और शाहनगर महाविद्यालयों में विधि और विज्ञान संकाय शुरू करने तथा बंद पड़े उद्योगों को पुनः शुरू कराने की बात भी कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पन्ना को नई गति देने के लिए सरकार 15 करोड़ रुपये की लागत से डायमंड बिजनेस पार्क विकसित कर रही है। बड़ागांव में 40 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक पार्क का विकास लगभग पूर्ण है। वर्षों से बंद पड़ी एनएमडीसी परियोजना को फिर शुरू करा दिया गया है, जिससे बड़े स्तर पर हीरा खनन होने लगा है।

उन्होंने कहा कि केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना से जिले में सिंचाई और पेयजल की बड़ी सुविधा प्राप्त होगी। इस परियोजना से 1 लाख 35 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 600 से अधिक गांवों में पेयजल उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पन्ना टाइगर रिजर्व वाइल्ड लाइफ टूरिज्म के रूप में तेजी से उभर रहा है। बाघों की बढ़ती संख्या और पर्यटकों की बढ़ती रुचि स्थानीय युवाओं के लिए गाइडिंग, होटल, परिवहन और हस्तशिल्प क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है।

उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण में भी पन्ना प्रदेश में अग्रणी है। यहां 10 हजार 301 स्व-सहायता समूहों की एक लाख से अधिक बहनों को 180 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक लिंकेज मिला है, जिनमें लगभग 18 हजार महिलाएं 'लखपति दीदी' बनी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की राशि भेजी जा रही है। जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए 25 एकड़ भूमि आवंटित कर दी गई है और निवेशक से एमओयू भी हो चुका है। जल जीवन मिशन के तहत पवई बांध ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना द्वारा 158 ग्रामों में पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, सांसद वी.डी. शर्मा, विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक प्रह्लाद सिंह लोधी सहित बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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