लखनऊ , फरवरी 13 -- खराब खानपान और भागदौड़ भरी जीवनशैली के चलते डायबिटीज, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं, जो दिल की बीमारियों का बड़ा कारण बन रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इन तीनों समस्याओं के एक साथ होने पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

शुक्रवार को किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में कॉर्डिकॉन 2026 का आयोजन किया गया। सम्मेलन में लारी कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ऋषि सेट्ठी ने कहा कि डायबिटीज में बढ़ी हुई शुगर रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है, जिससे हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट का खतरा बढ़ता है। पेट के आसपास जमा चर्बी और बढ़ता कोलेस्ट्रॉल भी हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। हाई ब्लड प्रेशर को 'साइलेंट किलर' बताते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय तक अनियंत्रित बीपी दिल की मांसपेशियों को कमजोर कर सकता है।

कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. धीमान कहाली ने कहा कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और नमक-मीठे का सीमित सेवन हृदय रोग से बचाव में सहायक है। फास्ट फूड और डिब्बाबंद भोजन से दूरी जरूरी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित