नयी दिल्ली , फरवरी 25 -- भारत सरकार ने अपनी सीमा शुल्क व्यवस्था को कारोबारियों के लिये अधिक सुविधाजनक और प्रौद्योगिकी के अनुसार अद्यतन रखने की दिशा में किये गये उपायों को जिनेवा में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के मुख्यालय पर प्रस्तुत किया है।

वित्त मंत्रालय द्वारा बुधवार को दी गयी जानकारी के अनुसार मंत्रालय में विशेष विशेष सचिव और सदस्य (सीमा शुल्क) सुरजीत भुजबल ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर जिनेवा में डब्ल्यूटीओ की व्यापार सुविधा समिति की बैठक के मौके पर अलग से आयोजित एक कार्यक्रम में भारत में व्यापार सुविधा की पहलों की जानकारी दी।

डब्ल्यूटीओ में भारत के स्थायी प्रतिनिधि कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में स्थायी प्रतिनिधि राजदूत सी. सेंथिल पांडियान भी उपस्थित थे। सीबीआईसी द्वारा आयोजित इस सत्र में बताया गया कि कैसे भारत में डिजिटलीकरण से हुए कायाकल्प ने देश की सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को भविष्य की सोच के साथ कुशल और दूसरी प्रणालियों के साथ मिल कर सहज रूप से काम करने की ज़रूरतों के हिसाब से विकसित किया है।

इस आयोजन में सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा के क्षेत्र में क्षमता सृजन के प्रयासों में योगदान के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर भी ज़ोर दिया गया और कहा गया कि यह "वसुधैव कुटुम्बकम" - यानी दुनिया एक परिवार है - की सोच को दर्शाता है।

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