बैतूल , फरवरी 06 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आदिवासी बहुल भीमपुर विकासखंड में बिजली व्यवस्था को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है।

यहां बिजली कंपनी के एक ठेकेदार ने लगभग 30 आदिवासी किसानों से 18-18 हजार रुपए लेकर उनके खेतों में ट्रांसफॉर्मर तो लगवा दिए, लेकिन इन्हें बिजली विभाग को हैंडओवर नहीं किया। जब विभाग को इसकी जानकारी मिली तो कनेक्शन काट दिए गए और उल्टा किसानों पर ही बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज कर दिए गए। इस कार्रवाई से आक्रोशित किसान गुरुवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई।

खैरा ,नहरपुर और बालू गांव के किसानों ने बताया कि हरदा जिले के एक ठेकेदार को बिजली विभाग उनके क्षेत्र में सिंचाई कनेक्शन के लिए ट्रांसफॉर्मर लगाने का काम सौंपा गया था। ठेकेदार ने प्रत्येक किसान से 18 हजार रुपए लिए और कुछ ही दिनों में ट्रांसफॉर्मर लगाकर लाइन चालू कर दी। किसानों को लगा कि अब उनकी सिंचाई की समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन कुछ समय बाद बिजली विभाग ने अचानक सप्लाई काट दी और किसानों को बिजली चोरी का आरोपी बना दिया।

विभागीय जांच में सामने आया कि ठेकेदार ने बिना अनुमति और बिना औपचारिक हैंडओवर के ही ट्रांसफॉर्मर चालू कर दिए थे। इसके बाद विभाग ने सभी कनेक्शन काट दिए और किसानों पर केस दर्ज कर दिए। किसानों का कहना है कि उन्होंने पूरी राशि ईमानदारी से बिजली विभाग और ठेकेदार को दी थी और उन्हें किसी तरह की प्रक्रिया या विभागीय अनुमति की जानकारी नहीं थी।

मामला बढ़ने पर बिजली विभाग ने भी संबंधित ठेकेदार के खिलाफ मोहदा थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है। वहीं ये भी सामने आया है कि 2022 में भी बिजली विभाग ने मोहदा और चिचोली थाने में ठेकेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। किसानों ने इसे विभागीय लापरवाही और मिलीभगत का परिणाम बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

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