रायगढ़ , जनवरी 08 -- छत्तीसगढ़ का रायगढ़ जिला इन दिनों ठंड के प्रकोप के साथ-साथ बढ़ते वायु प्रदूषण की गंभीर मार झेल रहा है। हर वर्ष सर्दी के मौसम में नम वातावरण के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बीते कुछ दिनों से जिले के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में लगातार बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय बनता जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में बढ़ते उद्योगों और खदानों की संख्या ने रायगढ़ की हवा में ज़हर घोलने का काम किया है। हालात ऐसे हैं कि सुबह के समय घरों की छतों पर रखी पानी की टंकियों, वाहनों और खुले स्थानों पर धूल की काली परत साफ देखी जा सकती है। यह स्थिति साफ तौर पर बढ़ते वायु प्रदूषण की ओर इशारा करती है।
समीर एप से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में वायु प्रदूषण का स्तर रोजाना बढ़ रहा है। वहीं पर्यावरण विभाग का कहना है कि वायु गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए समय-समय पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
जिले में उद्योगों और खदानों की अधिकता के कारण भारी वाहनों की संख्या में भी तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिससे वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। प्रदूषण का सीधा खतरा अब लोगों के स्वास्थ्य पर मंडराने लगा है। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में रायगढ़ की हवा और भी घातक साबित हो सकती है।
गौरतलब है कि जिले में वायु प्रदूषण को मापने के लिए चार प्रमुख स्थानों पर एक्यूआई के माध्यम से निगरानी की जा रही है। यह सूचकांक न केवल हवा की गुणवत्ता को दर्शाता है, बल्कि प्रदूषण के स्तर और उससे होने वाले स्वास्थ्य प्रभावों की जानकारी भी देता है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियां जारी की जाती हैं, ताकि आमजन और प्रशासन समय रहते सतर्क हो सकें।
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