जयपुर , फरवरी 25 -- राजस्थान विधानसभा में बुधवार को ऊर्जा मंत्री हीरा लाल नागर ने बताया कि राज्य में कृषि, घरेलू उपभोक्ताओं और सामान्य वितरण के लिए स्थापित ट्रांसफार्मर बदलने के लिए 72 घंटे लगने का प्रावधान लागू होता है।
श्री नागर ने प्रश्न काल में विधायक सुरेश मोदी ने सदन में किसानों को बिजली आपूर्ति में कमी संबंधित प्रश्न पर कहा कि 72 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने का प्रावधान कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं के सामान्य वितरण ट्रांसफार्मरों पर लागू होता है। उन्होंने कहा कि जिस मामले का उल्लेख किया जा रहा है, वह 400 केवी से जुड़े 220 और 132 जीएसएस सबस्टेशन के बड़े प्रसारण ट्रांसफार्मर से संबंधित है, जिसकी क्षमता बढ़ाकर 200 एमवीए की गयी है। उन्होंने कहा कि बड़े प्रसारण तंत्र के ट्रांसफार्मर को बदलने और स्थानांतरित करने में स्वाभाविक रूप से अधिक समय लगता है।
उप मुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा ने विधायक धर्मपाल के खेतड़ी क्षेत्र में संचालित आयुर्वेद चिकित्सालयों की संख्या, गोठड़ा और मेरड़ा में नये चिकित्सालय खोलने तथा वर्तमान औषधालय के लिए पृथक भवन निर्माण को लेकर किये गये सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आयुष नीति 2021 के तहत चरणबद्ध तरीके से प्रस्तावों पर विचार होता है। फिलहाल, नये ब्लॉक आयुर्वेद औषधालय खोलने का प्रस्ताव नहीं है। पूर्व में भामाशाह द्वारा निर्मित भवन में संचालित सुविधा जारी है। भविष्य में बजट उपलब्धता और प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने विधायक अनिता भदेल के उद्यमियों को व्यापार के लिए सहायता देने संबंधी सवाल के जवाब में बताया कि बाजार सहायता योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में भाग लेने वाले उद्यमियों को व्यय का 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम तीन लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। एसएमई पॉलिसी 2024 के तहत 358 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 261 को स्वीकृति दी गयी है। इनमें से 192 आवेदकों को भुगतान किया जा चुका है, 80 मामले लंबित हैं और 17 आवेदन निरस्त किये गये हैं। एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी के तहत 149 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 94 को भुगतान किया जा चुकाहै।
उन्होंने बताया कि 'वन जिला-वन उत्पाद' योजना के तहत 351 आवेदन आए, 306 स्वीकृत हुए और 234 को भुगतान किया गया। यह नीति दिसंबर 2024 में प्रारंभ हुई है, इसलिए व्यय की गति क्रमशः बढ़ेगी। अब तक लगभग नौ करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूरक प्रश्न करते हुए पूछा कि मार्च अंत तक 30 करोड़ रुपये में से कितनी राशि खर्च हो पाएगी। इस पर कर्नल राठौड़ ने स्पष्ट किया कि तीन लाख रुपये की सीमा एक विशेष पॉलिसी पर लागू है और संबंधित मामले में पात्रता के आधार पर भुगतान किया गया है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने विधायक महेंद्र पाल मीणा के जमवारामगढ़ क्षेत्र में जल जीवन मिशन योजनाओं की स्थिति पर किये सवाल के जवाब में कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय 217 योजनायें स्वीकृत हुई थीं। इनमें से 62 पूर्ण, 43 प्रगति पर हैं। शेष 112 में से 58 न्यायालयीन मामलों के कारण रुकी हैं, जबकि 41 में संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
प्रश्नकाल में विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के ओसियां क्षेत्र में कन्या महाविद्यालय की स्थापना और छबड़ा-छीपाबड़ौद में स्टेडियम निर्माण के प्रश्न पर उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि ओसियां में वर्तमान में चार महाविद्यालय संचालित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हंतुडी में अलग से कन्या महाविद्यालय खोलने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, साथ ही तिवरी-मथानिया के कन्या महाविद्यालय को पीजी कॉलेज में क्रमोन्नत करने का भी कोई विचार नहीं है।
शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव, नियम 295 एवं पर्ची के माध्यम से कई विधायकों ने अपने क्षेत्रों की समस्या एवं मुद्दे उठाये और इस दौरान स्थगन प्रस्ताव के तहत विधायक हरिमोहन शर्मा ने सरकार पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की योजनाओं का उल्लेख किया और मौजूदा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत पर तंज कसा। श्री शर्मा ने कहा कि वर्ष 2023 में न्यूनतम गारंटी आय कानून के तहत पेंशन को अधिकार के रूप में सुनिश्चित किया गया था और नियमों के अनुसार हर वर्ष 15 प्रतिशत वृद्धि होनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने तय समय पर बढ़ोतरी नहीं की। इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने पहले ही वर्ष में पेंशन एक हजार रुपए से बढ़ाकर 1150 रुपए और फिर 1250 रुपए की। अब 50 रुपए और बढ़ाकर 1300 रुपए प्रतिमाह दिये जा रहे हैं।
विधायक जयकृष्ण पटेल ने जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चों के पोषाहार से जुड़ी अव्यवस्था का मुद्दा उठाया। विधायक लादूलाल पितलिया ने पर्ची के माध्यम से विलायती बबूल का मुद्दा उठाया। विधायक ऋतु बनावत ने विद्या संबल योजना के तहत लगे शिक्षकों के स्थाईकरण का मुद्दा उठाया।
विधायक मोतीराम ने सिरोही जिले के छात्रावासों के लिए आवंटित भूमि को निरस्त करने संबंधी मुद्दे पर राजस्व मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। इस पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि रेवदर में जमीन आवंटन के तीनों मामले पिछली सरकार के अंतिम छह महीने के फैसले हैं। आज ये कह रहे हैं कि कमियां है अलॉटमेंट नहीं हुआ। अंतिम छह महीनों में ही आपने अलॉटमेंट किया, केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की लेकिन इनमें कमियां थी, उसकी पूर्ति नहीं कराई।
विधायक चंद्रभान सिंह ने आनासागर झील के चारों तरफ जमा मिट्टी की भी डिसिल्टिंग कराने के मुद्दे पर नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा का ध्यान आकर्षित किया। इस पर श्री खर्रा ने कहा कि आगामी एक सप्ताह में संभागीय आयुक्त अजमेर की ओर से नगर निगम, अजमेर विकास प्राधिकरण एवं अन्य विभागों के साथ बैठक कर इसकी कार्ययोजना बनाई जाएगी। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है। इसका समाधान किया जाना चाहिए, क्योंकि बारिश में आनासागर का पानी अजमेर की गलियों में आ जाता है।
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