वाशिंगटन , जनवरी 10 -- डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन को उस समय तब जोरदार झटका लगा जब पांच डेमोक्रेटिक-शासित राज्यों में बाल-देखभाल और सामाजिक सेवाओं के लिए दिए जाने वाले लगभग 10 अरब अमेरिकी डॉलर की मदद को फ्रीज करने से अस्थायी रूप से रोक दिया गया। फेडरल जज ने ट्रम्प प्रशासन को अगले दो सप्ताह तक सामाजिक सेवा कार्यक्रमों के लिए धन जारी रखने का आदेश दिया।

उल्लेखनीय है कि यह फैसला कैलिफोर्निया, कोलोराडो, इलिनोइस, मिनेसोटा और न्यूयॉर्क के डेमोक्रेटिक अटॉर्नी जनरल द्वारा न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के अमेरिकी जिला न्यायालय में एक आपातकालीन मुकदमा दायर करने के कुछ घंटे बाद आया। मुकदमे में उन्होंने धन में अचानक और गैरकानूनी कटौती को रोकने की मांग की थी।

यह विवाद ट्रम्प प्रशासन और डेमोक्रेटिक-शासित राज्यों के बीच फेडरल निगरानी, धन की शर्तों और धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर एक बड़े टकराव को उजागर करता है, जिससे डेमोक्रेट्स और जीओपी सांसदों, खासकर ट्रम्प के वफादारों के बीच लड़ाई और तेज हो गई है।

फेडरल जज अरुण सुब्रमण्यम ने वाशिंगटन को अगले दो सप्ताह तक कम आय वाले परिवारों और विकलांग लोगों की सेवा करने वाले तीन प्रमुख सामाजिक सेवा कार्यक्रमों के लिए धन जारी रखने का आदेश दिया।

उन्होंने कहा कि यह अंतरिम राहत 'मौजूदा स्थिति की रक्षा' करने के लिए थी, जबकि दोनों पक्ष पूरी दलीलें पेश करते हैं।

राज्यों का तर्क है कि स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग (डीएचएचएस) और उसके बच्चों और परिवारों के प्रशासन (एसीएफ) ने गलत काम के सबूत और उचित प्रक्रिया के बिना तथा कानूनी अधिकार के बिना बाल-देखभाल, नकद सहायता और सामाजिक सेवाओं के लिए धन देना बंद कर दिया।

मुकदमे में दावा किया गया है कि यह फैसला किसी धोखाधड़ी के निष्कर्षों से नहीं बल्कि राष्ट्रपति ट्रम्प और उनके वरिष्ठ सहयोगियों से 'वायरल गलत सूचना, राजनीतिक बयानबाजी और सार्वजनिक धमकियों' से प्रेरित था।

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