तेहरान/तेल अवीब/ वाशिंगटन , मार्च 22 -- ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले के चौथे सप्ताह में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह अगले 48 घंटों के भीतर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरानी बिजली संयंत्रों को "मिटा" देगा।
श्री ट्रंप ने कहा कि हमले की शुरुआत ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट से की जाएगी। श्री ट्रंप के बयान के तुरंत बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पलटवार किया। ईरान ने घोषणा की है कि यदि अमेरिका उसके ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाता है, तो वह न केवल होर्मुज जलडमरूमध्य को स्थायी रूप से बंद कर देगा, बल्कि क्षेत्र में मौजूद उन सभी देशों के ऊर्जा केंद्रों को भी निशाना बनाएगा जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
इस जंग की एक सबसे खतरनाक घटना तब हुई जब ईरान ने दक्षिणी इजरायल के डिमोना और अराद शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से सीधा प्रहार किया। डिमोना वह स्थान है जहाँ इजरायल का मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित है। हालांकि परमाणु संयंत्र सुरक्षित बताया जा रहा है, लेकिन रिहायशी इलाकों में हुए इन धमाकों ने इजरायल को नुकसान पहुंचाया है।
अराद और डिमोना में हुए इन मिसाइल हमलों में करीब 180 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर है। इजरायली मीडिया के अनुसार, इस बार ईरान की मिसाइलों को रोकने में एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह सफल नहीं रहा, जिससे रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान पहुँचा है।
अपने शहरों पर हुए हमलों के जवाब में इजरायली वायुसेना ने आज तेहरान पर हवाई हमलों की एक नई लहर शुरू की है। इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि वे ईरानी शासन के बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। तेहरान में आज कई बड़े धमाके सुने गए हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए युद्ध थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। नेतन्याहू ने कसम खाई है कि वे ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के नेताओं को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाएंगे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने परमाणु ठिकानों के पास हो रही बमबारी पर गहरी चिंता जताई है। संगठन प्रमुख ने चेतावनी दी है कि परमाणु केंद्रों के पास सैन्य गतिविधि एक वैश्विक आपदा को जन्म दे सकती है। ईरान का दावा है कि उसके नतांज परमाणु केंद्र पर पहले हुए हमले के जवाब में उसने इजरायल के डिमोना को निशाना बनाया।
उत्तरी मोर्चे पर इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्ध और तेज हो गया है। इजरायल ने दक्षिण लेबनान में लिटानी नदी के ऊपर बने पुलों को नष्ट करने का आदेश दिया है ताकि हिजबुल्लाह की आवाजाही रोकी जा सके। लेबनान में अब तक मरने वालों की संख्या 1,000 के पार पहुँच चुकी है। इजरायल ने सीमावर्ती आबादी वाले इलाकों में भी कार्रवाई करने का ऐलान किया। इसके जबाव में हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल में रॉकेट हमला किया, जिसमें एक इजरायली नागरिक की मौत हो गई। यह हालिया संघर्ष में लेबनान की ओर से हुआ पहला बड़ा नागरिक हमला है, जिसने इजरायल को और अधिक आक्रामक होने पर मजबूर कर दिया है।
वैश्विक तेल आपूर्ति का केंद्र 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' इस समय तनाव का सबसे बड़ा बिंदु बना हुआ है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह केवल अपने "दुश्मनों" के जहाजों को रोक रहा है, लेकिन ट्रंप प्रशासन इसे पूरी तरह खोलने की मांग पर अड़ा है। इसके कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है।
युद्ध की शुरुआत से अब तक अमेरिका को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 232 घायल हुए हैं। इसके साथ ही, ईरान ने दावा किया है कि उसने आज होर्मुज द्वीप के पास एक अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच कतर के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उसका एक सैन्य हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई। हालांकि इसे सीधे तौर पर युद्ध से नहीं जोड़ा गया है, लेकिन क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों की अधिकता से जोखिम बढ़ गया है।
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