वाशिंगटन/पेरिस , जनवरी 20 -- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को फ्रांसिसी वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की धमकी दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति के इस कदम को व्यापक रूप से फ्रांसिसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन पर दबाव बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, ताकि वे गाजा और अन्य वैश्विक संघर्षों को सुलझाने के उद्देश्य से श्री ट्रंप की प्रस्तावित 'शांति बोर्ड' पहल का समर्थन करें।

श्री ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए संकेत दिया कि इन दंडात्मक आयात शुल्क का उपयोग फ्रांस को सहयोग के लिए मजबूर करने हेतु किया जा सकता है। यह बयान उन रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें कहा गया था कि श्री मैक्रॉन ने इस पहल में शामिल होने के निमंत्रण को स्वीकार करने में अनिच्छा जतायी है।

प्रस्तावित निकाय शुरू में गाजा युद्ध पर ध्यान केंद्रित करेगा और बाद में अन्य अंतरराष्ट्रीय संघर्षों तक विस्तार करेगा। हालांकि यह सवाल भी उठ रहे हैं कि यह निकाय संयुक्त राष्ट्र जैसे मौजूदा संस्थानों के साथ कैसे तालमेल बिठाएगा।

श्री ट्रंप से श्री मैक्रॉन की कथित अनिच्छा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "क्या उन्होंने ऐसा कहा? खैर, उन्हें कोई नहीं चाहता, क्योंकि वह बहुत जल्द पद से बाहर होने वाले हैं। मैं उनकी वाइन एवं शैंपेन पर 200 प्रतिशत आयात शुल्क लगा दूँगा और वह शामिल हो जाएँगे, लेकिन उन्हें शामिल होने की कोई जरूरत नहीं है।"उल्लेखनीय है कि फ्रांस में 2027 में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं, तब श्री मैक्रॉन अपना अधिकतम दो कार्यकाल पूरा करने के बाद पद छोड़ देंगे।

व्यापारिक धमकी का यह मामला पहले से ही अटलांटिक के दोनों ओर के तनावपूर्ण संबंधों के बीच आया है। अमेरिका वर्तमान में यूरोपीय संघ से आयात होने वाली वाइन और स्पिरिट पर 15 प्रतिशत आयात शुल्क लगता है। फ्रांसिसी अधिकारी इस दर को शून्य करने के लिए पैरवी कर रहे हैं, जो पिछले साल गर्मियों में स्कॉटलैंड में श्री ट्रंप और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच हुए अमेरिका-ईयू व्यापार समझौते के बाद प्रस्तावित किया गया था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित