वॉशिंगटन/तेहरान , मार्च 26 -- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बातचीत में 'जल्द गंभीर होने' का आग्रह किया है और चेतावनी दी कि उसका समय समाप्त हो रहा है, भले ही क्षेत्रीय मध्यस्थों के माध्यम से युद्ध खत्म करने के परोक्ष प्रयास जारी हैं।
पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के जरिये अमेरिका ने तनाव कम करने पर चर्चा करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक का प्रस्ताव दिया है। ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों पर ट्रंप की पांच दिवसीय रोक शनिवार को समाप्त होने वाली है। इससे तनाव फिर से बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में अगर बाधा जारी रहती है।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि आकस्मिक योजना पर काम चल रहा है और 'अंतिम प्रहार' के विकल्पों की तलाश की जा रही है। इसमें हवाई अभियानों के विस्तार से लेकर संभावित जमीनी सैन्य अभियानों तक के कई विकल्प शामिल हैं। यदि कूटनीति विफल रहती है तो पेंटागन बड़े पैमाने पर हमलों से जुड़ी स्थितियों के लिए तैयारी कर रहा है।
इस बीच ईरान ने 15-सूत्रीय अमेरिकी प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी ने इन शर्तों को 'बहुत ज्यादा' के साथ 'चाल' बताया है। अधिकारी ने कहा कि किसी भी समाधान का निर्णय 'ईरान की अपनी शर्तों और समय सीमा' पर होगा। इसके साथ ही उन्होंने श्री ट्रंप के राजनयिक संपर्क के प्रस्तावों का उपहास उड़ाया।
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि अमेरिका से कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है, हालांकि तीसरे देशों के माध्यम से संदेशों के आदान-प्रदान के रूप में सीमित परोक्ष संचार जारी है और अमेरिकी प्रस्ताव अभी विचाराधीन है।
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