वाशिंगटन , अप्रैल 02 -- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार रात ईरान के "सबसे बड़े पुल" को नष्ट करने की घोषणा की और तेहरान से कहा कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाए वह समझौता कर ले।

उन्होंने चेतावनी दी कि इससे पहले और भी बहुत कुछ होगा और जो कुछ अभी भी ईरान एक महान देश बनने की क्षमता रखता है उसका कुछ भी शेष नहीं बचेगा।

श्री ट्रंप ने हमले का एक वीडियो भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया। हालांकि श्री ट्रंप ने कोई और जानकारी नहीं दी लेकिन ईरानी अधिकारियों ने बताया कि हमले में कम से कम दो लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए।

तेहरान से लगभग 40 किलोमीटर पश्चिम में स्थित कराज शहर में स्थित पुल (बी1 पुल), जिसे तेहरान-कराज पुल के नाम से भी जाना जाता है, पर अमेरिकी और इजरायली वायु सेना ने हमला किया। ईरानी मीडिया एवं अधिकारियों ने इसे "पश्चिम एशिया का सबसे ऊंचा पुल" करार दिया।

यह पुल तेहरान और करज के बीच यात्रा के समय को एक घंटे से घटाकर लगभग 10 मिनट करने के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन लिंक के रूप में बनाया गया था।

यह पुल एक ऐतिहासिक अवसंरचना परियोजना थी जो हमले के समय लगभग पूरी होने वाली थी और पुल का निर्माण कार्य जारी था।

यह हमला ईरानी अवसंरचना को निशाना बनाने वाले एक व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसमें इस्पात संयंत्रों, बिजली सबस्टेशनों और दवा कारखानों पर हमले भी शामिल हैं।

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