टोक्यो , दिसंबर 08 -- जापान की राजधानी टोक्यो में डकैतियों के मामले में पकड़े गए चार संदिग्ध मास्टरमाइंडों ने अपने गिरोह में युवा और नए अपराधियों को शामिल करने के लिए बाकायदा सोशल मीडिया में विज्ञापन दिया था। पुलिस ने साेमवार को यह जानकारी दी ।

स्थानीय मीडिया के अनुसार पिछले साल हुई सिलसिलेवार डकैतियों की जांच में पता चला है कि इन संदिग्धों ने सोशल मीडिया 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट का इस्तेमाल कर अपने गिरोह में अपराधियों की भर्ती की थी।

स्थानीय मीडिया के अनुसार टोक्यो पुलिस विभाग को इस हाई-प्रोफाइल मामले में जब्त हुए स्मार्टफोन की गहन जांच से यह बात पता चली। जाँच एजेंसियों ने पाया कि चारों संदिग्धों ने पिछले साल अगस्त के अंत से अक्टूबर के अंत के बीच यह भर्तियां की थीं और उस समय डकैतियाें की घटनाएं चरम पर थीं।

पुलिस ने बताया इन लोगों ने कई बार 'एक्स' अकाउंट खरीदे और इनका उपयोग "डार्क पार्ट-टाइम जॉब्स" (यामी बाइटो) पोस्ट करके गिरोह में भर्ती के लिए किया। इनमें लोगों को प्रलोभन दिया जाता कि अपराध में शामिल होने वाले को उसी दिन भुगतान कर दिया जायेगा। वे इन विज्ञापनों में धोखाधड़ी, डकैती और चोरी सहित कई उपलब्ध 'अवैध' नौकरियों की जानकारी देते थे।

पुलिस का मानना है कि इन संदिग्धों ने एक 'टोक्योरयू' नाम से एक गुप्त आपराधिक समूह बनाया। इस समूह ने 'इस हाथ दे और उस हाथ ले' के उसूल और बड़े भुगतान के वादे पर सोशल मीडिया से नए लोगों की भर्ती की।

पुलिस को यह भी पता चला है कि डकैतियों में शामिल सदस्य, अपने गुर्गो को चुनने के लिए अत्यधिक एन्क्रिप्टेड (सुरक्षित) संचार ऐप 'सिग्नल' पर एक ग्रुप चैट का उपयोग करते थे। इस चैट में वे भर्ती के तरीकों और आवश्यक कौशल पर जानकारी का आदान-प्रदान करते थे।

पुलिस ने हिरोटो फुकुची (26) सहित चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन लोगाें पर पिछले साल अक्टूबर में चिबा प्रान्त में एक 51 वर्षीय महिला के घर में घुसकर मारपीट करने और डकैती डालने का संदेह है।

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