नयी दिल्ली , फरवरी 03 -- ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान (टेरी) ने मंगलवार को बताया कि 25 से 27 फरवरी तक यहां विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन (डब्ल्यूएसडीएस) 2026 आयोजित किया गया है होगा और सम्मेलन का यह रजत जयंती संस्करण है।

टेरी ने इंडिया हैबिटेट सेंटर में संवाददाता सम्मेलन में आयोजन की जानकारी दी।

टेरी की महानिदेशक डॉ. विभा धवन ने इस अवसर पर बताया, मौजूदा समय में जलवायु संकट, विकास की चुनौतियों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए डब्ल्यूएसडीएस 2026 का महत्व बढ़ जाता है। उन्होंने बताया इस बार सम्मेलन की थीम वार्ता से परिवर्तन ट्रांसफॉर्मेशंस: विजन, वॉइसेस एंड वैल्यूज़' है, जो विचारों से लेकर जमीन पर ठोस कार्रवाई तक की यात्रा को दर्शाती है।

डॉ. धवन ने बताया कि डब्लीयूएसडीएस सम्मेलन में टेरी अपने 25 साल की अपनी प्रतिबद्धता, सहयोग और जलवायु कार्रवाई का जश्न मनाएगा। भारत इस साल ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। ब्रिक्स में जलवायु कार्रवाई, हरित वित्तपोषण, ऊर्जा बदलाव और संवहनीय विकास को प्राथमिकता दी जाती है। डब्ल्यूएसडीएस इस बार ब्रिक्स प्राथमिकताओं को पूरा सहयोग देगा।

टेरी की मानद सदस्य और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की पूर्व सचिव लीना नंदन ने कहा कि प्रभावी पर्यावरण शासन के लिए मजबूत संस्थाएं और नीतियों में तालमेल जरूरी है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएसडीएस का रजत जयंती संस्करण बेहतर भविष्य की उम्मीद और नए विचारों के साथ आगे बढ़ेगा।

सम्मेलन की अध्यक्ष और टेरी की निदेशक डॉ. शैली केडिया ने डब्ल्यूएसडीएस के कार्यक्रमों का साझा करते हुये कहा कि यह मंच विज्ञान और नीति के बीच सेतु का काम करता है और बहु-हितधारक संवाद को बढ़ावा देता है।

टेरी के मानद सदस्य और पूर्व राजनयिक राजदूत मनजीव सिंह पुरी ने वैश्विक दृष्टिकोण पर बोलते हुए कहा कि जलवायु चुनौतियां वैश्विक हैं, लेकिन उनका समाधान स्थानीय कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ही संभव है। उन्होंने डब्ल्यूएसडीएस को ग्लोबल साउथ (वैश्विक दक्षिण) की आवाज को मजबूत करने वाला मंच बताया।

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