नयी दिल्ली , मई 11 -- भारत में रैकेट खेलों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बीच, योनेक्स सनराइज इंडिया ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन के एक बेहद महत्वपूर्ण लेकिन अक्सर नजरअंदाज किए जाने वाले पहलू - प्रोफेशनल रैकेट स्ट्रिंगिंग - को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। इसी उद्देश्य से आज झंडेवालान स्थित नोवोटेल न्यू दिल्ली सिटी सेंटर में विशेष "योनेक्स-सनराइज स्ट्रिंगिंग वर्कशॉप" का आयोजन किया गया।

इस वर्कशॉप का नेतृत्व विश्व प्रसिद्ध स्ट्रिंगिंग विशेषज्ञ और योनेक्स स्ट्रिंगिंग टीम के हेड स्ट्रिंगर एवं सुपरवाइजर टिम विलिस ने किया। सत्र में एडवांस रैकेट स्ट्रिंगिंग तकनीक, मशीन प्रिसिशन, खिलाड़ियों की व्यक्तिगत जरूरतों और बैडमिंटन व टेनिस में अंतरराष्ट्रीय सर्विसिंग मानकों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

40 वर्षों से अधिक के अनुभव वाले टिम विलिस को दुनिया के शीर्ष रैकेट स्ट्रिंगिंग विशेषज्ञों में गिना जाता है। योनेक्स स्ट्रिंगिंग टीम के संस्थापक सदस्यों में शामिल टिम ने ओलंपिक खेलों, बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप, थॉमस एवं उबेर कप और कई बड़े अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन टूर्नामेंट्स में काम किया है। उन्होंने विक्टर एक्सेलसन और कैरोलिना मारिन जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया है।

यह वर्कशॉप एक व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण मंच के रूप में आयोजित की गई, जिसमें असम, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित 38 शहरों से 100 से अधिक स्ट्रिंगिंग प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया। यह भारत में आयोजित सबसे बड़े संरचित तकनीकी वर्कशॉप्स में से एक रहा।

योनेक्स विश्व स्तर पर बैडमिंटन का अग्रणी ब्रांड है और स्ट्रिंगिंग रैकेट प्रदर्शन का सबसे अहम हिस्सा मानी जाती है। भारत में जमीनी स्तर से लेकर पेशेवर स्तर तक रैकेट खेलों के विकास के साथ प्रोफेशनल स्ट्रिंगिंग सेवाओं और तकनीकी विशेषज्ञता की मांग भी तेजी से बढ़ी है।

आज के खिलाड़ी जैसे लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग़ शेट्टी अपने रैकेट की स्ट्रिंग्स, टेंशन, कंसिस्टेंसी और प्रदर्शन को लेकर पहले से कहीं अधिक जागरूक हैं। इस बढ़ती जागरूकता ने स्ट्रिंगिंग समुदाय में भी लगातार सीखने और खुद को बेहतर बनाने की उत्सुकता पैदा की है।

इस पहल पर बात करते हुए टिम विलिस ने कहा, "नई दिल्ली में मिला प्रतिसाद बेहद शानदार रहा, खासकर तब जब इतने अलग-अलग शहरों से प्रतिभागी यहां पहुंचे। प्रोफेशनल स्ट्रिंगिंग के प्रति इतना उत्साह देखना बेहद रोमांचक है क्योंकि आज एक स्ट्रिंगर खिलाड़ी के प्रदर्शन और आत्मविश्वास का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। भारत में तकनीकी समुदाय तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस तरह की वर्कशॉप भविष्य के लिए मजबूत नींव तैयार करती हैं।"वर्कशॉप में योनेक्स प्रिसिशन 9 और नई प्रिसिशन 5.2 स्ट्रिंगिंग मशीनों का उपयोग करते हुए लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिए गए, ताकि भारतीय स्ट्रिंगर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक और टूर्नामेंट-स्तरीय सर्विसिंग मानकों से परिचित कराया जा सके।

हालांकि वर्कशॉप का मुख्य फोकस बैडमिंटन रहा, लेकिन इसमें टेनिस स्ट्रिंगर्स ने भी भाग लिया, क्योंकि योनेक्स सनराइज इंडिया भारत में विभिन्न रैकेट खेलों के लिए तकनीकी सहयोग और साझेदारी का विस्तार कर रहा है।

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