हैदराबाद , जनवरी 06 -- तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) वर्तमान में प्रदेश भर में 875 इलेक्ट्रिक बसें चला रहा है।
प्रश्न काल के दौरान सवालों के जवाब में श्री प्रभाकर ने कहा कि सरकार ने स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर जीवन स्तर प्रदान करने के उद्देश्य से जीओ 41 के माध्यम से इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नीति लागू की है।
उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले एक साल में लगभग एक लाख इलेक्ट्रिक वाहन बिके हैं, जो जनता की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि पहले ईवी की एक चार्ज पर ड्राइविंग रेंज लगभग 150 किमी थी, अब 500 किमी तक चलने वाले वाहन उपलब्ध हैं और आगे सुधार पर विचार चल रहा है। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं, जिसमें रेडको के माध्यम से स्टेशन स्थापित करना शामिल है। ईवी निर्माताओं और डीलरों के साथ बैठकें हो चुकी हैं ताकि अपनाने की प्रक्रिया तेज की जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकार एक नीति पर काम कर रही है जिसमें राज्य सरकार के विभागों, स्कूल बसों और फार्मा तथा आईटी सेक्टर में उपयोग होने वाले वाहनों के लिए परिचालन जरूरतों के आधार पर 25-50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना अनिवार्य किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे उपाय जरूरी हैं ताकि हैदराबाद में दिल्ली जैसे गंभीर वायु प्रदूषण का स्तर न आए।
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत शहरों में संचालन के लिए चरणबद्ध तरीके से 2,800 इलेक्ट्रिक बसें आयेंगी। इनमें से वारंगल नगर निगम में 100 इलेक्ट्रिक बसें और निजामाबाद नगरपालिका में 50 बसें तैनात की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टरेटों, रेस्तरां और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
श्री प्रभाकर ने बताया कि हैदराबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) कभी-कभी 200 को पार कर जाता है, जबकि दिल्ली में 400 से अधिक होता है, और प्रदूषण नियंत्रण के लिए वृक्षारोपण बढ़ाने तथा ईवी, सीएनजी और एलपीजी वाहनों को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने नागरिकों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ने का आग्रह किया और कहा कि तेलंगाना ईवी उपयोग में राष्ट्रीय स्तर पर रोल मॉडल बने।
उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 तक टीजीएसआरटीसी की 875 इलेक्ट्रिक बसें, जो पूरी तरह किराए पर आधारित हैं, जो कुल बेड़े का लगभग 8.84 प्रतिशत हैं। सरकार ने नए ईवी के लिए 100 प्रतिशत सड़क कर और पंजीकरण शुल्क में छूट दी है। वर्ष 2030 तक राज्य के बस बेड़े का 35 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बनाने का प्रस्ताव है, और 2035 तक लगभग 80 प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य है।
श्री प्रभाकर ने कहा कि प्रदूषण मुक्त तेलंगाना सुनिश्चित करना एक साझा जिम्मेदारी है और समाज के सभी वर्गों से हरित भविष्य के लिए योगदान देने की अपील की।
सदन में ईवी नीति और तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
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