रायसेन , अक्टूबर 23 -- मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में कफ सीरप से बच्चों की मौत के बाद अब रायसेन जिले के सिलवानी में टीकाकरण के बाद नवजात शिशुओं की बिगड़ी हालत की खबर सामने आई है। यहां एक नवजात शिशु की मौत हो गई और पांच बच्चे बीमार हो गए।
रायसेन जिले के सिलवानी विधानसभा क्षेत्र में 9 अक्टूबर को टीकाकरण किया गया था। इसके बाद नवजात शिशुओं की तबीयत बिगड़ गई। 15 नवंबर को एक बच्चे की मौत हो गई। जिला चिकित्सा अधिकारी टीम सहित मौके पर पहुंचे और जांच की।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एच एन मंडरे ने बताया कि छह बच्चों को कोर वैक्सीन की दो डोज दी गई थीं, लेकिन बच्चे बीमार होने पर अन्य जगह इलाज कराया गया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण से किसी बच्चे की मौत नहीं हुई, बल्कि बच्चा टीका लगने के दो दिन बाद बीमार हुआ और बरेली ले जाते समय उसकी मौत हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि टीकाकरण के बाद बच्चों को बुखार आना सामान्य है, लेकिन इससे किसी की मौत नहीं होती।
इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, केसली गांव में नवजात शिशुओं को टीके लगाए जाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। इस दर्दनाक घटना में एक नवजात शिशु की मौत हुई, जबकि पांच अन्य बच्चे बीमार हैं। परिजन विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज करा रहे हैं। बताया गया कि बीमार बच्चों में से एक का इलाज भोपाल में किया जा रहा है, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
परिजनों का आरोप है कि मात्र 5 से 10 मिनट के अंतराल में चार-चार टीके लगाए गए, जिससे बच्चों की तबीयत बिगड़ी। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र पटेल केसली पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। विधायक देवेंद्र पटेल ने मौके पर तहसीलदार सुधीर शुक्ला को इस पूरे घटनाक्रम की तत्काल जांच करने के आदेश दिए हैं।
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