नयी दिल्ली , जनवरी 08 -- तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल में विपक्ष को डराने और राजनीतिक प्रक्रिया में दखल देने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
टीएमसी ने यह आरोप पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद साकेत गोखले के इस दावे के बाद लगाया गया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पार्टी की अंदरूनी चुनावी तैयारियों की जानकारी हासिल करने के मकसद से तलाशी ली।
श्री गोखले ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया कि ईडी ने आज सुबह टीएमसी के संभावित उम्मीदवारों, चुनाव रणनीति और अभियान योजना की जानकारी वाले दस्तावेज़ ज़ब्त किए। इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए, उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रही है।
उन्होंने पोस्ट में कहा, "बंगाल में मोदी-शाह की गंदी चालें एक नए स्तर पर पहुँच गई हैं। आज सुबह वे अपनी पालतू एजेंसी ईडी का इस्तेमाल करके हमारे संभावित उम्मीदवारों, हमारी चुनाव रणनीति और हमारे अभियान योजना की जानकारी वाले दस्तावेज़ चुरा रहे हैं।"उन्होंने आगे कहा कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी इस तरह से राज्य में टीएमसी नेतृत्व को चुनौती देने में सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा, "अगर गुजरात जिमखाना की जोड़ी सोचती है कि वे ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से लड़ने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो वे बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं," उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग राजनीतिक रूप से जवाब देंगे। श्री गोखले ने अपने बयान के अंत में "आबार जितबे बांग्ला" (बंगाल फिर जीतेगा) नारा लिखा।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने केंद्र पर विपक्षी शासित राज्यों के खिलाफ बार-बार केंद्रीय एजेंसियों को तैनात करके संघवाद और लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
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