टिहरी गढवाल , नवम्बर 21 -- उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिलाधिकारी के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (एडीएम) अवधेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को नशीली दवाओं एवं मनःप्रभावी पदार्थों की रोकथाम के लिए नार्काे कोर्डिनेशन सेंटर (एन-कोर्ड) की मासिक बैठक आहूत की गयी।
एडीएम ने विभिन्न विभागों द्वारा नशा नियंत्रण के लिए की गई मासिक कार्यवाहियों की समीक्षा की। उन्होंने स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करने, नियमित ड्रग टेस्टिंग कराने, शिकायत पेटिका को सक्रिय रखने तथा अगली बैठक में उच्च शिक्षण संस्थानों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अफीम, ख़स-खस और पोस्त की खेती की संयुक्त जांच करने को कहा गया।
समाज कल्याण अधिकारी श्रेष्ठा भाकुनी ने बताया कि नशामुक्ति केंद्र का प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजा गया है। गत 18 नवम्बर को नशामुक्त भारत अभियान की पांचवीं वर्षगांठ पर टीएचडीसी इंजीनियरिंग कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 900 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। ब्लॉक स्तर पर भी जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की गईं।
रॉड्स संस्था की प्रतिनिधि रंजीता थपलियाल ने बताया कि संस्था द्वारा दो शादियों को नशामुक्त किया गया तथा राजकीय इंटर कॉलेज दूंगीधार एवं राजकीच उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बादशाहीथौल में लगभग 200 विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। वन, कृषि, स्वास्थ्य, सूचना तथा आबकारी विभागों ने भी अपनी मासिक कार्यवाहियों की जानकारी दी।
औषधि निरीक्षक, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन टिहरी, ऋषभ धमा ने अवगत कराया कि नवम्बर माह में अब तक जनपद के 18 मेडिकल स्टोर्स में औचक निरीक्षण कर छह नमूने लिए गए, पांच नोटिस जारी किए गए तथा दो दुकानों के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई है।
बैठक में बताया गया कि पुलिस विभाग की एएनटीएफ टीम द्वारा इस वर्ष जनवरी से अक्टूबर के बीच 553 जागरूकता गोष्ठियाँ आयोजित की गईं, जिनमें 20,501 छात्र-छात्राएँ तथा 28,381 स्थानीय लोग शामिल रहे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनटीसीपी के तहत 354 चालान कर 10,670 रुपये की धनराशि जमा कराई गई, साथ ही 278 व्यक्तियों की काउंसलिंग, 23 थेरेपी सत्र तथा 04 ग्रुप डिस्कशन आयोजित किए गए।
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