टिहरी , अप्रैल 25 -- उत्तराखंड के टिहरी में जिला योजना की समीक्षा बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला योजना को आगामी 30 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाए, ताकि विकास कार्य अधिक प्रभावी और स्थायी बन सकें।
मंत्री ने कहा कि योजनाओं के निर्माण में जनप्रतिनिधियों एवं विधायकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पेयजल संकट को राष्ट्रीय चुनौती बताते हुए इसके समाधान के लिए सुनियोजित विकास पर जोर दिया। साथ ही पर्यटन विकास को गति देने के लिए पृथक बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने जिले में संचालित नवाचारों और बेस्ट प्रैक्टिस की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक विकासखंड में महिलाओं को स्थानीय उत्पादों के विपणन हेतु 'माई ब्लॉक माई शॉप' योजना चलाई जा रही है। इसके अतिरिक्त 'माई ब्लॉक माई लाइब्रेरी', निःशुल्क कोचिंग, जिला अस्पताल में फीडिंग रूम तथा नई खेल सुविधाओं के विकास जैसे कार्य प्रगति पर हैं।
वर्ष 2026-27 के लिए Rs.95.21 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता प्रस्तुत की गई। विभिन्न विभागों-कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य, पर्यटन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य-की योजनाओं की समीक्षा करते हुए ट्राउट एवं कीवी उत्पादन, गोट वैली, पर्यटन व्यू प्वाइंट्स, स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत और विद्यालयों में शौचालय निर्माण जैसे कार्यों पर विशेष चर्चा हुई।
बैठक के दौरान प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी ने अपने क्षेत्र में पेयजल की समस्या उठाई, जिस पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने आईएसबीटी एवं बौराड़ी मार्केट निर्माण की गुणवत्ता, रिंग रोड निर्माण और विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए।
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