टिहरी , फरवरी 24 -- भारत की 16वीं जनगणना-2027 को सुव्यवस्थित एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार को जनपद टिहरी गढ़वाल में जिला एवं चार्ज स्तर के अधिकारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
विकास भवन के निकट बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने की।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिसकी शुद्धता, गोपनीयता और समयबद्धता सुनिश्चित करना प्रत्येक संबंधित अधिकारी का वैधानिक कर्तव्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण को गंभीरता से लेते हुए सभी बिंदुओं को भलीभांति समझें तथा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सुनियोजित रणनीति और बेहतर समन्वय के साथ जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी एवं संयुक्त निदेशक, जनगणना विभाग देहरादून शैलेंद्र नेगी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। संयुक्त निदेशक ने जनगणना की पृष्ठभूमि, डेटा संकलन प्रक्रिया, जनगणना अधिनियम 1948 एवं जनगणना नियम 1990 के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने जनगणना पदाधिकारियों की भूमिका, दायित्व एवं अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित दंड प्रावधानों से भी अवगत कराया।
मास्टर ट्रेनर नेहा सिंह ने सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएमएमएस) की कार्यप्रणाली समझाते हुए यूजर एवं रोल मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक्स प्रबंधन तथा डैशबोर्ड निर्माण की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी अवधेश कुमार सिंह, एसडीएम स्नेहिल कुंवर, एसडीएम अंकित राज, डीपीआरओ एम.एम. खान सहित नगर पालिका व पंचायतों के अधिशासी अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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