मेहसाणा , फरवरी 17 -- गुजरात के मेहसाणा जिले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मस्थान वडनगर टिकाऊ शहरी मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है।

सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि ऐतिहासिक शहर वडनगर पुरातत्व, संस्कृति और इतिहास एक उम्दा उदाहरण बन चुका है। यह शहर लगभग 2500 साल पुराने सांस्कृतिक इतिहास को अपने में समेटे हुए है। पुरातात्विक संग्रहालय का निर्माण हो या निर्माणाधीन देश की पहली भव्य वृंदावन गौशाला या फिर ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार कार्य, गुजरात सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण वडनगर आज एक टिकाऊ शहरी मॉडल के रूप में विकसित हो रहा है।श्री मोदी के 'विकास भी, विरासत भी' के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए गुजरात सरकार राज्य में ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ अवसरंचना विकास का संतुलित मॉडल विकसित कर रही है। पुरातात्विक संग्रहालय, प्रेरणा संकुल और आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स वडनगर के 2500 साल पुराने गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करने के लिए गत वर्ष पुरातात्विक अनुभवात्मक संग्रहालय का उद्घाटन किया गया था। तीन सौ करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह संग्रहालय भारत का एकमात्र ऐसा संग्रहालय है, जो नये उत्खनन कार्यों से मिली वस्तुओं को प्रदर्शित करता है। संग्रहालय में पांच हजार से अधिक कलाकृतियां प्रदर्शित की गयी हैं। इतना ही नहीं, नौ विषयगत दीर्घाएं भी बनायी गयी हैं, जो विभिन्न कालखंडों की कलाओं, शिल्पों और विभिन्न भाषाओं को प्रदर्शित करती हैं।

श्री मोदी ने जिस स्कूल में अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी, उस प्रेरणा स्कूल (संकुल) को भविष्य के आधुनिक शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें नयी टेक्नोलॉजी के माध्यम से शिक्षा और नैतिक मूल्यों का अनूठा संगम है। इसके अलावा, वडनगर में अत्याधुनिक सुविधाओं वाले स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण किया गया है, जिसमें छात्रावास, कोच ऑफिस, रेक्टर क्वार्टर, आधुनिक रसोई घर, डाइनिंग रूम और रिक्रिएशन रूम जैसी सुविधाएं और सोलर सिस्टम एवं सीसीटीवी कैमरों जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शामिल हैं।

वडनगर में कीर्ति तोरण, शर्मिष्ठा तालाब, प्राचीन दरवाजों और किले की दीवारों (परकोटे) के अवशेष, हाटकेश्वर महादेव मंदिर और आसपास का क्षेत्र, बौद्ध मठ के पुरातात्विक अवशेष और ताना-रीरी स्मारक जैसे स्थलों के जीर्णोद्धार से शहर की समृद्ध विरासत जीवंत बन गयी है। ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ शहर के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के गुजरात सरकार के दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप वडनगर आज एक विश्व स्तरीय हेरिटेज-टूरिज्म डेस्टिनेशन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उल्लेखनीय है कि वडनगर को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, जिसके अंतर्गत नॉमिनेशन डॉजियर और साइट मैनेजमेंट प्लान तैयार कर लिया गया है। 15 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से देश की पहली भव्य 'वृंदावन गौशाला' का निर्माण किया जाएगा। गौशाला को 'रूरल इनोवेशन हब' के रूप में विकसित किया जाएगा और यह गायों के संरक्षण के लिए ग्रामीण गौशाला विकास का एक आदर्श मॉडल बनेगी।

वडनगर में 40 से अधिक तालाबों को आपस में जोड़कर पानी को सहेजने और उसकी निकासी की व्यवस्था की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत तालाबों को गहरा और सुव्यवस्थित बनाकर उनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक ग्रेविटी फ्लो सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे शहर के बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था सुदृढ़ होगी।

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