नयी दिल्ली , दिसंबर 05 -- टाइप वन डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने और उनके घरेलू उपचार को आयुष्मान योजना के तहत लाने की लोकसभा में शुक्रवार को मांग की गयी।
तेलुगूदेशम के श्रीभरत मुतुकुमिल्ली ने शून्य काल के दौरान यह मामला उठाया और कहा कि इस बीमारी के गिरफ्त में अधिकतर बच्चे आते हैं और उन्हें इन्सुलिन की जरूरत पड़ती है, जिसका खर्च अनेक पीड़ित परिजन उठा पाने में असमर्थ रहते हैं। सरकार यदि ऐसे मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था करे तो टाइप वन डायबिटीज के पीड़ितों की मदद के साथ-साथ उनके परिजनों को बड़ी सहूलियत होगी।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के पात्र ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने पर ही वे उपचार में इसका लाभ उठा पाते हैं। सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि ये मरीज इस योजना का लाभ दिन-प्रतिदिन के इलाज में उठा सकें। राजस्थान सरकार ने ऐसे मरीजों के लिए अलग से निधि निर्धारित की है।वह सरकार से मांग करते हैं कि ऐसा ही प्रबंध अन्य राज्यों और केन्द्र सरकार को करना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी के बंटी विवेक साहू ने घातक कफ सिरप के सेवन ने अनेक बच्चों की मौत हो जाने का मामला उठाते हुए कहा कि दूषित दवा के निर्माताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायइथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा निर्धारित से अधिक होने के कारण वह घातक हुआ और इसका सेवन करने वाले अनेक बच्चों की जान गयी है।
उन्होंने कहा कि निम्न गुणवत्ता वाले इस सिरप को बिना परीक्षण के ही बाजार में उतार दिया गया, इस मामले की विस्तृत जांच करके दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए। उन्होंने दवा नियामक प्रणाली को सुदृढ़ करने के साथ ही दवाओं की जांच के लिए एकीकृत निगरानी तंत्र विकसित किये जाने की मांग की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित